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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:03 · नई दिल्ली संस्करण

साइबर क्रिमिनल्स ने अपर समाहर्ता के बिजनेस एनालिस्ट को किया हाउस अरेस्ट, ठगे 8 लाख

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
साइबर क्रिमिनल्स ने अपर समाहर्ता के बिजनेस एनालिस्ट को किया हाउस अरेस्ट, ठगे 8 लाख

रामगढ़। साइबर क्रिमिनल्स आम नागरिकों को हाउस अरेस्ट और अश्लील तस्वीरें दिखाकर अक्सर ठगने का काम करते हैं। ऐसा ही एक मामला गुरुवार को प्रकाश में आया है। रामगढ़ शहर में अपर समाहर्ता कार्यालय के बिजनेस एनालिस्ट सुरेंद्र प्रसाद को भी साइबर क्रिमिनल्स ने अपना शिकार बनाया। उन्हें ऑनलाइन ही हाउस अरेस्ट कर दिया और इतना डराया की उन्होंने 8 लाख रुपए साइबर क्रिमिनल्स को ट्रांसफर कर दिया। उन्हें बाद में संदेह हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है, तो वह सीधे थाने पहुंचे।रामगढ़ पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।प्राथमिकी के अनुसार अपर समाहर्ता के राजस्व शाखा में बिजनेस एनालिस्ट के रूप में कार्यरत सुरेंद्र प्रसाद रामगढ़ थाना क्षेत्र के हेसला गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया और कहा गया कि उनका मोबाइल नंबर और आधार कार्ड बंद कर दिया जाएगा। अगर उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी चाहिए तो दिल्ली पुलिस से बात करनी होगी, ताकि उनका मोबाइल नंबर और आधार कार्ड बंद ना हो। इस बातचीत के बाद उनका कॉल एक दूसरे नंबर पर ट्रांसफर किया गया। फिर व्हाट्सएप से मैसेज और वीडियो कॉल आना प्रारंभ हो गया।वीडियो कॉल से सुरेंद्र प्रसाद को बताया गया कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग में सामने आया है। यह देश का सीक्रेट मिशन है, इसको वह किसी से भी शेयर नहीं करेंगे। इसके बाद उन्हें अरेस्ट का कागज भेजा गया, जिससे वे काफी डर गए। इसके बाद लगातार वीडियो कॉल और मैसेज आना प्रारंभ हो गया। इस दौरान उनसे पैसे की जांच के नाम पर 28 जनवरी को एक अकाउंट नंबर भेजा गया, जो फेडरल बैंक का था। अकाउंट होल्डर विकास यादव के नाम पर 29 जनवरी को उन्हें पैसे भेजने को कहा गया। सुरेंद्र प्रसाद इतना डर गए थे, कि उन्होंने अपने अकाउंट से 8 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें शक हुआ कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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