अपनी सुझबूझ से साइबर ठगी का शिकार होने से बचे जिला सांसद प्रतिनिधि
खूंटी,
19 मार्च । साइबर अपरधी लोगों को चूना लगाने के लिए रोज नये-नये
तरीके ईजाद कर रहे हैं। कभी बैंक के नाम पर तो कभी पुलिस अधिकारी के नाम
पर। कुछ ऐसा ही मामला जिला सांसद प्रतिनिधि अनोज कुमार के साथ हुआ, लेकिन
अपनी सुझबूझ से वह ठगी का शिकार होने से बच गये। मंगलवार को मनोज कुमार के
मोबाइल पर 923357759385 से फोन आया।
फोन करने वाले ने अपने आप को
पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि रांची के संत सेवियर्स कॉलेज में पढ़ने वाले
बेटे को पुलिस ने आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया है। बच्चे को छोड़ने
के लिए ऑनलाइन पैसा भेजने की बात कहते हुए सांसद प्रतिनिधि को डराया गया कि
पैसे नहीं देने उसके बच्चे पर केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया जाएगा।
बेटे
को छोड़ने की एवज में मनोज कुमार से यथा शीघ्र 35000 रुपये भेजने की बात
कहते हुए व्हाट्सएप में एक अकाउंट नंबर 42678556293 एसबीआई आईएफसी कोड भेजा
गया। मनोज कुमार ने बताया कि जिस नंबर से फोन आया था उस नंबर के डीपी में
खूंटी के पूर्व एसपी अनीश कुमार की तस्वीर आ रही थी। ऐसे में वह घबड़ा गए और
फोन करने वाले को बातों में उलझा कर वे खूंटी थाना पहुंच गए। खूंटी थाना
में मौजूद एक एएसआई ने जब उधर से फोन करने वाले साइबर अपराधियों से बात की,
तो वे पूछने लगे कि आप कौन बोल रहे हैं। एएसआई द्वारा बताया गया कि वह
खूंटी थाना से बोल रहे हैं, यह सुनते ही उधर से फोन काट दिया गया।
मनोज
कुमार ने बताया कि बाद में उसने अपने बेटे से संपर्क किया, तो पता चला कि
वह तो अपने कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। यहां यह बता दें कि ऐसा ही एक मामला
तीन दिन पूर्व कर्रा रोड निवासी भाजपा नेता लव चौधरी के साथ भी हुआ था।
अपने बच्ची की गिरफ्तारी से बेहद घबड़ाये लव चौधरी भी जब खूंटी थाना पहुंचे
और थाना के मुंशी से फोन पर बात कराई, तब फोन काट दिया गया था। बाद में लव
चौधरी को भी पता चला कि उनकी बच्ची रांची में सही सलामत पढ़ाई कर रही है।





