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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:14 · नई दिल्ली संस्करण

राष्ट्र सुरक्षा में सीआरपीएफ की भूमिका अतुलनीय: कमांडेंट मनोज डंग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
राष्ट्र सुरक्षा में सीआरपीएफ की भूमिका अतुलनीय: कमांडेंट मनोज डंग

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित 174वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में सोमवार को 88वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 174वीं वाहिनी के कमांडेंट मनोज डंग ने कहा कि सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा की सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक है और बल ने आतंकवाद, उग्रवाद, नक्सलवाद, प्राकृतिक आपदाओं तथा अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।

उन्होंने कहा कि देश की एकता,अखंडता और शांति बनाए रखने में सीआरपीएफ का योगदान सदैव गौरवपूर्ण रहा है और जवानों की वीरता, अनुशासन तथा समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

कमांडेंट मनोज डंग ने अधिकारियों,अधीनस्थ अधिकारियों, जवानों और उनके परिजनों को 88वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की स्थापना 27 जुलाई 1939 को मध्य प्रदेश के नीमच में क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस के रूप में हुई थी। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 28 दिसंबर 1949 को संसद के अधिनियम के तहत इसका नाम बदलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल रखा गया। उन्होंने कहा कि एक बटालियन से शुरू हुआ यह बल आज 247 से अधिक बटालियनों और करीब 3.25 लाख जवानों के साथ देश का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल बन चुका है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियान,उत्तर-पूर्व में उग्रवाद नियंत्रण,जम्मू-कश्मीर में शांति व्यवस्था कायम रखने तथा झारखंड, छत्तीसगढ़,आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में नक्सल विरोधी अभियानों में सीआरपीएफ ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। संसद पर हमले जैसी राष्ट्रीय चुनौतियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी बल ने अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन किया है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के तहत हैती,कोसोवो और लाइबेरिया जैसे देशों में भी सीआरपीएफ ने अपनी सेवाएं देकर भारत का गौरव बढ़ाया है।

इससे पूर्व कमांडेंट मनोज डंग ने बटालियन मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी तथा क्वार्टर गार्ड पर सलामी लेकर गार्ड का निरीक्षण किया। स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष सैनिक सम्मेलन, खेलकूद प्रतियोगिताओं तथा जवानों के लिए बड़े खाने का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में द्वितीय कमान अधिकारी जितेन्द्र कुमार,द्वितीय कमान अधिकारी रजनीश कुमार, उप कमांडेंट धर्मेन्द्र नारायण सिंह, उप कमांडेंट शांति किस्कू, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.विजयलक्ष्मी चौहान, चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप कुमार सी. सहित वाहिनी के अधिकारी, जवान एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

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