डिजिटल भारत के निर्माता राजीव गांधी : कांग्रेस
रांची। झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एम तौसीफ ने कहा है कि देश का विकास नेतृत्व की दूरदर्शिता आला सोच एवं उचित समय में सही निर्णय पर निर्भर करता है। भारत रत्न राजीव गांधी दूरदर्शी सोच, शानदार व्यक्तित्व, एवं कुशल नेतृत्व के धनी थे। वे भारत को 21 वीं सदी में दुनिया के विकसित देशों की सूची में देखना चाहते थे। तौसीफ ने बुधवार को कहा कि 1986 में भारत में उनके द्वारा कंप्यूटर एवं संचार के क्षेत्र में क्रांति लाया गया। वे इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की भूमिका को बहुत अहम मानते थे और उसी दिशा में अपना निर्णय लिया। उस निर्णय की वजह से ही भारत दुनिया में आईटी के क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल कर पाया। भारत में कंप्यूटराइजेशन एवं टेलीकम्युनिकेशन के प्रवेश के दौरान विपक्षी नेताओं के विरोध एवं सुनयोजित प्रोपेगेंडा के बावजूद राजीव गांधी ने कंप्यूटराइजेशन एवं टेलीकम्युनिकेशन को भारत में स्थापित कराया। विपक्षी नेताओं का मानना था कि देश में कंप्यूटर आने से लोगों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी और देश को बड़े पैमाने पर बेरोजगारी का सामना करना पड़ेगा लेकिन दूरदर्शी राजीव गांधी ने आने वाले समय के बारे में महसूस कर लिया था कि 21वीं सदी को कंप्यूटराइजेशन एवं इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का युग होगा। यही मानकर राजीव गांधी ने अपने
मिशन की ओर कदम बढ़ा लिया। राजीव गांधी का मानना था कि कंप्यूटर से महीनों का काम घंटों में होगा एवं संचार से दूरदराज में रहने के बावजूद भी नजदीक होने का एहसास होगा। राजीव गांधी की दूरदर्शी सोच का परिणाम यह है कि आज की तारीख में मनुष्य बिना टेक्नोलॉजी के एक मिनट नहीं रह सकता। उसका जीता जागता उदाहरण है कि आज भारत के 25 करोड़ लोगों के हाथ में स्मार्टफोन और 75 करोड़ लोगों के हाथ में साधारण मोबाइल हैं। राजीव गांधी ने समय को पढ़ लिया था कि आने वाले समय में कदम-कदम पर आईटी की आवश्यकता महसूस होगी। राजीव गांधी का देश में आईटी क्रांति आज सच में काम आ रहा है। दुनिया कोरोना संकट से गुजर रही है। देश एवं दुनिया लॉकडाउन हो गया है। तब देश, दुनिया की नेशनल एवं मल्टीनेशनल कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम का निर्णय लिया।





