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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:19 · नई दिल्ली संस्करण

घोला में रातों-रात तोड़ा गया माकपा कार्यालय, इलाके में हड़कंप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
घोला में रातों-रात तोड़ा गया माकपा कार्यालय, इलाके में हड़कंप

उत्तर 24 परगना। पश्चिम बंगाल में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर जहां राजनीतिक गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है, वहीं इसी बीच उत्तर 24 परगना जिले के घोला इलाके में एक घटना सामने आई है। यहां रात के अंधेरे में माकपा के स्थानीय पार्टी कार्यालय को बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया गया।माकपा ने इस घटना के पीछे तृणमूल कांग्रेस समर्थित बदमाशों का हाथ होने का आरोप लगाया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा है कि यह इमारत पहले से ही जर्जर हालत में थी और काफी समय से बंद पड़ी थी।यहां माकपा का एक पुराना कार्यालय था, जो कई वर्षों से बंद पड़ा था।जानकारी के अनुसार, इमारत का छत काफी समय से टूट-फूट की हालत में था। बुधवार सुबह जब स्थानीय लोग वहां पहुंचे तो देखा कि पूरी इमारत को बुलडोजर से गिरा दिया गया है।इस घटना की खबर फैलते ही स्थानीय माकपा कार्यकर्ता और समर्थक मौके पर पहुंच गए और जोरदार विरोध प्रदर्शन करने लगे। मौके पर घोला थाने की पुलिस भी पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। माकपा नेताओं ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।माकपा का आरोप है कि यह घटना पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष के कारण की गई है। पार्टी का कहना है कि तृणमूल समर्थित लोगों ने जानबूझकर उनके कार्यालय को रातों-रात गिरा दिया ताकि इलाके में भय का माहौल बनाया जा सके।दूसरी ओर, स्थानीय तृणमूल नेतृत्व ने माकपा के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि माकपा का यह कार्यालय पिछले दस साल से बंद पड़ा था। इमारत जर्जर होने के कारण खुद ही गिर गई होगी। इसमें तृणमूल कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप लगा रहा है।फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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