कांग्रेस ने विश्व आदिवासी दिवस एवं क्रांति दिवस धूमधाम से आयोजित करने का लिया निर्णय कांग्रेस ने विश्व आदिवासी दिवस एवं क्रांति दिवस धूमधाम से आयोजित करने का लिया निर्णय
रांची । झारखंड
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में
शुक्रवार को हुई बैठक में नौ अगस्त को मनाये जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस
और क्रांति दिवस की तैयारियों पर चर्चा हुई। उरांव के आवास पर आयोजित बैठक
में प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, प्रवक्ता आलोक
कुमार दूबे, डा राजेश गुप्ता की उपस्थिति में विश्व आदिवासी दिवस एवं
क्रांति दिवस धूमधाम से आयोजित करने का निर्णय लिया। उरांव ने कहा कि नौ
अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्य समारोह कांग्रेस भवन में आयोजित किया
गया है, जहां सबसे पहले आदिवासी समाज में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पांच
अगुआ प्रमुखों को सम्मानित किया जाएगा। तथा केन्द्रीय लोक सेवा आयोग में
झारखंड के सफल आदिवासी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा। उसके
पूर्व क्रांति दिवस और भारत छोड़ो आंदोलन की याद में सबसे पहले राष्ट्रपिता
महात्मा गांधी और अन्य महान विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें
श्रद्धांजलि दी जाएगी। मोराहाबादी मैदान बापू वाटिका में आयोजित इस मौके पर
आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं
और शहीदों को याद करने के बाद विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने
कहा कि कांग्रेस का इतिहास संघर्ष और सेवा का रहा है। पार्टी हमेशा आदिवासी
हितों के लिए काम किया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने देश
को आजादी दिलाने के बाद संविधान निर्माण के लिए समिति का गठन किया। इस
संविधान के माध्यम से ही आदिवासियों के लिए नौकरियों और शिक्षण संस्थानों
में आरक्षण की व्यवस्था करायी गयी। जिसके बाद से आदिवासियों का सर्वांगीण
विकास हो पाया। कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने आदिवासियों के कल्याण जो
कार्य किये, वह किसी से छिपा नहीं है। यही नहीं पार्टी ने जल, जंगल और जमीन
की सुरक्षा को लेकर भी कई कानून बना कर लोगों के अधिकार को समृद्ध और
मजबूत करने का प्रयास किया। उरांव ने कहा कि यूं तो नौ अगस्त को आदिवासी
दिवस पूरे देश में मनाया जाता है। झारखंड में भी मनाया जाता रहा है लेकिन
वर्ष 2018 में झारखंड के कांग्रेस प्रभारी आर पी एन सिंह ने विश्व आदिवासी
दिवस का कार्यक्रम रांची के कांग्रेस भवन में शुरुआत की और झारखंड के सभी
जिला कांग्रेस मुख्यालय व प्रखंड कांग्रेस मुख्यालयों में आयोजित होने लगा।
उसी परंपरा को निभाते हुए नौ अगस्त 2020 में भी झारखंड कांग्रेस मुख्यालय
में कांग्रेस पार्टी सामाजिक दूरी बनाते हुए मुख्य समारोह आयोजित करेगी और
सरना झंडा भी लगाऐगी। एक प्रश्न के जवाब में उरांव ने कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने जब पहली बार देश में लॉकडाउन लागू किया गया था, उस वक्त
देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या मात्र 500 थी। लेकिन आज यह बढ़कर
लगभग 20 लाख के आसपास हो चुकी है। इसलिए भाजपा के नेताओं को यह
प्रधानमंत्री से पूछना चाहिए कि इससे निपटने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं
उठाये गये। उन्होंने भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को विधानसभा
में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर पार्टी नेताओं के
एक शिष्टमंडल द्वारा आज राज्यपाल से मिलने संबंधी सवाल पर कहा कि यह मसला
विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है। उन्हें इंतजार करना चाहिए। स्पीकर सभी
कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला लेंगे। इसे लेकर दबाव बनाना संसदीय
परंपरा के विपरीत होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी और
दीपक प्रकाश को 14 दिनों के एकांतवास सेंटर किए जाने जाने के संबंध में
पूछे गये एक प्रश्न के जवाब में कहा कि इस कानून को भाजपा नेतृत्व वाली
केंद्र की एनडीए सरकार ने ही बनाया है। कानून के तहत उन्हें होम क्वारंटाइन
पर भेजा गया था।





