जल जीवन मिशन की सभी जलापूर्ति योजनाओं को ससमय पूरा करें: चम्पाई सोरेन
रांची, । मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय
में अधिकारियों की उपस्थिति में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अद्यतन कार्य
प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया
कि जल जीवन मिशन (हर घर जल) ग्रामीण के अंतर्गत छोटी-बड़ी जितनी भी
योजनाएं ली गई हैं, उन योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत अवश्य
पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि वैसे सभी घर जहां नल से
जल पहुंचाया गया है, समीक्षा करें कि योजना के तहत लगाए गए नलों में जल की
उपलब्धता है या नहीं। जल जीवन मिशन के तहत आच्छादित सभी घरों में अनिवार्य
रूप से पानी पहुंचे यह सुनिश्चित की जाए। जल जीवन मिशन प्रत्येक घर में नल
से जल पहुंचाने निमित्त एक महत्वपूर्ण योजना है। हमारी सरकार पूरी तत्परता
के साथ पेयजल समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री
ने सरकार द्वारा संचालित सभी जलापूर्ति परियोजनाओं को निर्धारित समय पर
पूरा कर राज्य में सुलभ पेयजल उपलब्धता तथा कनेक्शन कार्यों में गुणवत्ता
पर विशेष ध्यान देने का निर्देश पदाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि
ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का संचालन एवं रख-रखाव बेहतर तरीके से हो इस
निमित्त विशेष सतर्कता बरतते हुए कार्य करें।
भविष्य में पेयजल संकट से बचने के लिए विशेष कार्य योजना बनाएं
मुख्यमंत्री
ने कहा कि पंचायत स्तर पर स्वीकृत नए नलकूपों के कार्य प्रगति में तेजी
लाएं। खराब पड़े नलकूपों की मरम्मती कार्य भी अवश्य कराएं। बरसात के मौसम
में लोगों को शुद्ध पेयजल की समस्या किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में पेयजल संकट से बचने के लिए विभाग विशेष कार्य
योजना भी बनाएं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सरायकेला-खरसावां
जिला अंतर्गत इंटागढ़ तथा डूडरा कमलपुर में विश्व बैंक संपोषित जलापूर्ति
योजना-2023 में ली गई थी लेकिन एजेंसी की लापरवाही के वजह से यह योजना पूरी
नहीं हो सकी, जिस एजेंसी द्वारा लापरवाही बरती गई है विभाग उस पर कार्रवाई
सुनिश्चित करें तथा नई स्वीकृति कराकर इस जलापूर्ति योजना को पूर्ण कराया
जाए।
पेयजल से संबंधित शिकायतों का निराकरण शीघ्र करें
मुख्यमंत्री
ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विगत दिनों विभिन्न माध्यमों से ऐसी
खबरें मिली रही हैं कि राज्य के कुछ जिलों में चूंआ, तालाब, कुआं आदि जल
स्रोतों से ग्रामीण पीने का पानी ला रहे हैं, जिन-जिन क्षेत्रों में ऐसी
खबरें मिल रही है वहां जांच कराकर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से
सुनिश्चित करें। पेयजल से संबंधित जो भी शिकायतें विभाग को मिल रही हैं
उसका निराकरण हर हाल में करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसी सभी बहु
ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं जिसे माह सितम्बर-अक्टूबर तक पूर्ण करने का
लक्ष्य रखा गया है, उन सभी योजनाओं को माह जुलाई-अगस्त तक हर हाल में पूरा
करें। साथ ही कहा कि राज्य के भीतर कुछ ऐसे पहाड़ हैं जहां से झरना गिरता
है उन जगहों पर भी जलापूर्ति योजनाएं ली जा सकती हैं। ऐसे पहाड़ों को
चिन्हित कर कार्य योजना बनाएं।
शौचालय निर्माण योजना को अबुआ आवास से जोड़ें
मुख्यमंत्री
ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बनाए
जा रहे शौचालय निर्माण योजना को अबुआ आवास योजना से जोड़ें। उन्होंने
निर्देश दिया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए मात्र 12
हजार रुपये राशि दी जाती है। अधिकारी इसकी भी समीक्षा करें कि इतनी राशि
में गुणवत्तापूर्ण शौचालय बनाया जा सकता है या नहीं।
मुख्यमंत्री
ने कहा कि उनकी सरकार अबुआ आवास के लाभुकों को एक बेहतर शौचालय देने के लिए
प्रतिबद्ध है जो लम्बे समय तक उपयोग में लाया जा सके। उन्होंने गोबरधन
परियोजना अंतर्गत निर्मित गोबरगैस प्लांट की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया
कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
ग्रामीणों को गोबरगैस प्लांट के फायदे की जानकारी उन तक पहुंचाएं।





