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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:18 · नई दिल्ली संस्करण

इवीएम से नहीं, बैलेट पेपर से चुनाव कराये आयोग : अलेस्टेयर बोदरा

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

-खूंटी में आदिवासी न्याय उलगुलान हूंकार सभा में 11 प्रस्ताव पारित

खूंटी। झारखंड उलगुलान संघ के तत्वावधान में मंगलवार को कचहरी मैदान खूंटी में आदिवासी न्याय उलगुलान हूंकार सभा का आयोजन 22 पड़हा कोम्पाट मुण्डा के अध्यक्ष विलियम तोपनो की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

सभा का संचालन आशीष गुड़िया, मुंशी मुंडा और बेनेदिक्त नवरंगी ने संयुक्त रूप से किया। खूंटी जिला के सैकड़ों गांवों के हजारों आदिवासियों की उपस्थिति में 11 प्रस्ताव पारित किये गये। प्रस्ताव के संबंध में अलेस्टेयर बोदरा ने बतोया कि इसमें कहा गया है कि आदिवासी समाज में डिलीस्टिंग का जहर फैलाने का मूल लक्ष्य है पांचवी अनुसूची को समाप्त कर जमीन और जंगल पर कब्जा करना तथा आरक्षण को खत्म करना। ऐस तत्वों एवं संगठनों पर आदिवासी समाज में वैमनस्यता फैलाने को लेकर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

आदिवासियों के सामुदायिक उपयोग की भूमि ; परती. झरती, जंगल-झाड़, गैर मजरूआ एवं गोचर जमीन, जो खतियान पार्ट टू में उल्लेखित है उसे भूमि बैंक में शामिल करना आदिवासी विरोधी सोच है। इस नीति को यथाशीघ्र रद्द किया जाए। सरना कोड नहीं देने के पीछे का षडयंत्र है आदिवासियों के अस्तित्व को नकार देना। शहरीकरण के नाम पर गांव को लैंड.पूल के दायरे में लाने से आदिवासियों के संवैधानिक विशेषाधिकार के प्रभावित होने का खतरा है।

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