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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:29 · नई दिल्ली संस्करण

मुख्यमंत्री साेरेन ने श्रावणी मेले को लेकर की उच्च स्तरीय बैठक, दिए निर्देश

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
मुख्यमंत्री साेरेन ने श्रावणी मेले को लेकर की उच्च स्तरीय बैठक, दिए निर्देश

रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 11 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम- बासुकीनाथ तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकार और वरीय पदाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।शुक्रवार को रांची के श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राजकीय श्रावणी मेला से जुड़ी सारी तैयारियां ससमय पूरी करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।उन्होंने कहा कि, श्रावणी मेले में देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने श्रावणी मेला की चल रही तैयारियों की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला हमारी आस्था का एक बड़ा केंद्र है। श्रावणी मेले से झारखंड को देश- दुनिया में विशिष्ट पहचान मिली है। हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा नगरी आते हैं। हर वर्ष इस विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को काफी बेहतर तरीके से आयोजित करते आ रहे हैं।इस वर्ष भी लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में वे यहां से बेहतर अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए श्रावणी मेला में नई कड़ियों को जोड़ने के साथ इसे और भी भव्य स्वरूप देने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके लिए जो भी जरूरतें होगी, उसे उपलब्ध कराया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला में सुरक्षा, स्वच्छता, विश्राम, पेयजल, बिजली, पानी, शौचालय, स्नानागार, यातायात और स्वास्थ्य से संबंधित सारी व्यवस्थाएं पुख्ता होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर तैयारियों को अंतिम रूप दें। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा कि वे श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर विभागों द्वारा की जा रही व्यवस्था की मॉनिटरिंग करें।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे श्रावणी मेला के समापन तक के लिए मेला रूट में खाली पड़ी जमीन को लेने के लिए रैयतों से बात करें। अगर वे इसके लिए तैयार हो जाते हैं तो उस जमीन पर विश्राम गृह, शौचालय और स्नानागार की व्यवस्था करें, ताकि श्रद्धालुओं को अच्छी व्यवस्था मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि मेला के समापन के बाद उक्त जमीन की पूरी साफ सफाई कर उसके रैयत को वापस कर दें। मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों के लिए अलग से रहने और भोजन की व्यवस्था करने का भी निर्देश अधिकारियों को दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ धाम में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ नियंत्रण के साथ ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को पुख्ता रखना बेहद जरूरी है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मेला रूट में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएं। वाहनों की गति सीमा निर्धारित कर उसका कड़ाई से पालन हो। पर्याप्त संख्या में वाहन प्लेट नंबर रीडिंग हाई डेफिनेशन कैमरा लगाएं जाय, ताकि ट्रैफिक सिस्टम का उल्लंघन करने वालों की पहचान में सुविधा हो सके।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्यूआर बेस्ड कंप्लेन सिस्टम शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी श्रद्धालु को अगर कोई परेशानी या समस्या हो रही है तो वह अपनी शिकायत तुरंत दर्ज करा सके। कहा कि शिकायतों के त्वरित निष्पादन की व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने मेला प्रबंधन को लेकर कई अन्य अहम निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

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