मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:33 · नई दिल्ली संस्करण

सीएम चंपाई सोरेन सरहुल महोत्सव में हुए शामिल ,राज्यवासियों को दी शुभकामनाएं

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

रांची: रांची में प्रकृति पर्व सरहुल धूमधाम के साथ गुरुवार को मनाया गया। मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन सरहुल के मौके पर राजधानी रांची के हतमा, करमटोली और सिरम टोली सरना स्थल पहुंचकर पूजा अर्चना की। सीएम के आगमन पर अखरा में पाहन ने उनका ढोल नगाड़े के साथ नृत्य करते हुए स्वागत किया। इस मौके पर केंद्रीय सरना समिति सिरमटोली में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार यह बेहद ही सुखद संयोग है कि ईद के अलावा चैत्र नवरात्र और सरहुल को हमलोग एक ही दिन एक साथ मना रहे हैं। सीएम चंपाई सोरेन ने इस मौके पर राज्यवासियों को ढेर सारी बधाई दी। वहीं इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने लोगों को बधाई देते हुए कहा कि प्रकृति पर्व सरहुल हमें जहां संदेश देता है। वहीं ईद और चैत्र नवरात्र समाज की भाईचारगी को बढ़ाता है। सरहुल पर शोभायात्रा निकली। केंद्रीय सरना समिति की ओर से निकाली गई शोभायात्रा अल्बर्ट एक्का चौक पहुंची। शोभायात्रा राजधानी रांची के विभिन्न हिस्सों के सरना स्थल से निकाली गई, जो मेन रोड से होते हुए सिरमटोली स्थल तक पहुंची।

इससे पूर्व सभी मौजा के सरना स्थल में पूजा-अर्चन हुई। सरहुल के गीतों और ढोल-नगाड़े की आवाज से इलाका गूंज रहा है। इस दौरान महिलाएं और पुरुष नृत्य करते हुए सरना स्थल तक पहुंचे। पहना ने सरना स्थल में रखे घड़े के पानी को देखकर बारिश की भविष्यवाणी की। उन्होंने इस साल अच्छी बारिश होने की बात कही है। केंद्रीय सरना समिति हातमा रांची में जगलाल पाहन ने विधिवत पूजा की। साल वृक्ष के नीचे उन्होंने सूर्य, जल, धरती जिन्हें यह देवता मानते हैं और उन्हें विभिन्न नाम से जानते हैं, उनके नाम से मुर्गे की बलि दी गई। इसके बाद उन्होंने जल से भरे घड़े को देखा। पूजा के बाद इस जल भरे घड़े से पाहन को स्नान कराया गया। इसके बाद उन्होंने भविष्यवाणी की इस साल अच्छी बारिश होगी। उन्होंने किसानों को समय पर खेती-बाड़ी करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि अनावश्यक रूप से हम प्रकृति का दोहन ना करें। उनका संरक्षण करना चाहिए।

सरहुल की शोभायात्रा निकलने से पहले कई तरह की परंपरागत रस्में निभाई गई। पूजा-पाठ की शुरुआत बुधवार सुबह से हुई। विभिन्न मौजा के सरना स्थल में पाहन सहित ग्रामीण जुटे और उपवास पर रहते हुए आसपास के जलस्रोतों के पास जाकर केकड़ा और मछली पकड़ी। सरहुल के पूजा की परंपरा को लेकर केंद्रीय सरना समिति हातमा के पाहन जगलाल पाहन ने बताया कि दिन में केकड़ा-मछली पकड़ने के बाद शाम को सरना स्थलों पर दो नए घड़ों में पानी रखा गया। इस पानी को साल के वृक्ष की टहनियों से माप कर रख गया। उन्होंने बताया कि शाम की पूजा-अर्चना के साथ ही सरना स्थल पर मर्गों-मुर्गियों की बलि भी दी गई। यह बलि अलग-अलग देवताओं के साथ बुरी आत्मा को भी दी गई। दिन में सरहुल पूजा के बाद रांची की सड़कों पर धूमधाम से विभिन्न इलाकों से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में महिलाएं, बच्चे और बड़ी संख्या में पुरुष शामिल हुए।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें