हिमांशु हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपित के निशानदेही पर चापड़ बरामद

पूर्वी सिंहभूम। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के चर्चित डी.डी. बार के बाहर हुए हिमांशु हत्याकांड में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपित राहुल दुबे, जिसने कुछ दिन पहले बिष्टुपुर थाना में फिल्मी अंदाज में आत्मसमर्पण कर पूरे शहर में सुर्खियां बटोरी थीं, अब पुलिस रिमांड में है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चापड़ बरामद कर लिया गया है। पुलिस इसे पूरे हत्याकांड की जांच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है।
सिटी एसपी ललित मीणा ने शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि बिष्टुपुर थाना कांड संख्या-84/2026 के तहत 27 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे डी.डी. बार के समीप हिमांशु पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर तत्काल विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, मानवीय आसूचना और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर लगातार जांच और छापेमारी अभियान चलाया। अनुसंधान के दौरान अब तक प्राथमिकी और अप्राथमिकी के कुल 13 आरोपिताें को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। शेष आरोपिताें की गिरफ्तारी के लिए उनके घरों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी, जिससे फरार आरोपिताें पर पुलिस का दबाव लगातार बढ़ता गया।
पुलिस के मुताबिक इसी दबाव के बीच मुख्य आरोपित राहुल दुबे अंततः कानून के शिकंजे में आ गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसके दौरान उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया एक चापड़ बरामद किया गया। जांच अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे घटना से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों को और मजबूत किया जा सके।
गिरफ्तार राहुल दुबे (30), पिता शर्मानंद दुबे, शास्त्रीनगर, कदमा का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर मामलों में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। उसके खिलाफ कदमा थाना सहित अन्य मामलों में भी आपराधिक कांड दर्ज हैं।
सिटी एसपी ने बताया कि इस चर्चित हत्याकांड में शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का अभियान लगातार जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही सभी शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर मामले में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय-1) ऋषभ त्रिवेदी सहित जिले के कई पुलिस उपाधीक्षकों, बिष्टुपुर थाना प्रभारी निरंजन कुमार, तकनीकी शाखा और विशेष छापामारी दल ने संयुक्त रूप से किया। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध पर प्रभावी कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।





