CJP प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर भड़के सोनम वांगचुक, सरकार को अल्टीमेटम- 24 घंटे में रिहा करो वरना...
सोनम वांगचुक ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने X पर वीडियो जारी कर कहा कि अगर जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन में हिरासत में लिए गए नेताओं को रविवार तक रिहा नहीं किया गया तो वे अनशन या पदयात्रा शुरू करेंगे। वांगचुक ने हालात को 'अघोषित आपातकाल' बताया और कहा कि अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका समेत हजारों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र के खिलाफ है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को करीब 3000 लोगों को हिरासत में लिया था।

नई दिल्ली/लेह: लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। वांगचुक ने कहा है कि अगर दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को 24 घंटे के अंदर रिहा नहीं किया गया तो वे खुद अनशन पर बैठने के लिए मजबूर हो जाएंगे। सोनम वांगचुक ने शनिवार शाम 10 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो संदेश जारी कर यह चेतावनी दी। अपने पोस्ट में उन्होंने मौजूदा हालात को 'अघोषित आपातकाल' (Undeclared Emergency) बताया है।
वांगचुक ने अपने वीडियो में कहा, "INDIA IN A STATE OF UNDECLARED EMERGENCY... कल जब मैंने आज के प्रदर्शन में एकता और शांति की अपील करते हुए संदेश पोस्ट किया था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात होंगे। मुझे खुशी थी कि आंदोलन को नेतृत्व देने वाले कई नेता हैं, लेकिन अब पता चला कि वे सब गिरफ्तार कर लिए गए हैं।" उन्होंने आगे कहा, "उम्मीद है कि गिरफ्तार लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा। अगर कल तक वे रिहा नहीं हुए तो मैं अनशन फास्ट या पदयात्रा मार्च पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।"
वांगचुक ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि छात्र नेताओं, युवा नेताओं, वकीलों, पत्रकारों और सांसदों समेत बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने सरकार से इस गिरफ्तारी के दौर को शाम तक खत्म करने और मुद्दे को बातचीत से सुलझाने की अपील की है। दरअसल, शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया था। CJP का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म 6 की प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां हुई हैं और इसमें चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ दल की मिलीभगत है।
दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा के मद्देनजर राजधानी में करीब 25,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। बैरिकेडिंग लगाई गई और दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों को शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक बंद रखा गया था। पुलिस ने एहतियात के तौर पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता आशुतोष रांका, सौरभ दास समेत कई बड़े नेताओं को प्रदर्शन से पहले ही हिरासत में ले लिया था। जानकारी के मुताबिक शनिवार शाम 5 बजे तक करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता हैं। फिल्म '3 इडियट्स' का फुंसुख वांगड़ू किरदार उन्हीं से प्रेरित बताया जाता है। पिछले कुछ समय से वे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वे पहले भी जंतर-मंतर पर अनशन कर चुके हैं। हालांकि इस बार का CJP प्रदर्शन लद्दाख के मुद्दे से सीधा जुड़ा नहीं है, लेकिन वांगचुक ने इसे लोकतंत्र और युवाओं की आवाज से जोड़कर अपना समर्थन दिया था। उन्होंने एक दिन पहले ही Gen Z प्रदर्शनकारियों से शांति और एकता बनाए रखने की अपील की थी।
वांगचुक ने अपने अल्टीमेटम में साफ कहा है कि अगर रविवार 11 अक्टूबर तक सभी गिरफ्तार लोगों की रिहाई नहीं होती है तो वे दो विकल्पों पर विचार करेंगे।
1. *अनशन (भूख हड़ताल):* वे लेह या दिल्ली में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर सकते हैं।
2. *पदयात्रा:* वे दिल्ली से लेह तक या लेह में ही शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा है कि कोई भी बैरिकेड लोगों के संकल्प को नहीं रोक सकता। दूसरी तरफ, CJP की कमान अब अजिंक्य शिंदे ने संभाल ली है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि पुलिस जहां रोके, वहीं सड़क को ही जंतर-मंतर बना लें। इसके साथ ही सोमवार को INDIA गठबंधन ने भी इस मुद्दे पर बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, जिससे राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं।




