छोटी दिवाली पर भद्रा का साया, फिर भी इसी समय जलाएं यम का दीपक, जानें 14 दीपक जलाने की विधि
छोटी दिवाली 2026 आज 7 नवंबर, शनिवार को है। चतुर्दशी तिथि सुबह 10:47 बजे से शुरू होकर 8 नवंबर सुबह 11:27 बजे तक रहेगी। इस दिन सुबह 10:48 बजे से रात 11:06 बजे तक करीब 12 घंटे 18 मिनट भद्रा रहेगी, लेकिन भद्रा का वास पाताल लोक में है, इसलिए घबराएं नहीं। यम दीपदान का शुभ मुहूर्त शाम 5:32 से 6:48 बजे तक है। सरसों के तेल का चौमुखा दीपक दक्षिण दिशा में घर के बाहर जलाएं।

दीपावली के त्योहार की असली रौनक छोटी दिवाली से ही शुरू हो जाती है। इस साल छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी 7 नवंबर 2026, शनिवार को मनाई जा रही है। इसे रूप चौदस, नरक चौदस और काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, हनुमान जी की आराधना, घर के कोनों में दीपक जलाने और यमराज के नाम से दीपदान करने की परंपरा है। लेकिन इस बार छोटी दिवाली पर भद्रा का लंबा साया पड़ रहा है, जिससे लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यम का दीपक कब जलाएं और पूजा कब करें।
पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे शुरू होगी और 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे समाप्त होगी। चूंकि 7 नवंबर की शाम प्रदोष काल में चतुर्दशी तिथि रहेगी, इसलिए छोटी दिवाली का दीपदान और पूजा 7 नवंबर की शाम को ही होगी। वहीं अभ्यंग स्नान 8 नवंबर की सुबह सूर्योदय से पहले करने की परंपरा है। इस साल छोटी दिवाली पर भद्रा सुबह 10:48 बजे से रात 11:06 बजे तक रहेगी। यानी करीब 12 घंटे 18 मिनट तक भद्रा का प्रभाव रहेगा। आमतौर पर भद्रा काल को शुभ कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना जाता, इसलिए लोग घबरा रहे हैं।
लेकिन राहत की बात यह है कि इस बार भद्रा का वास पाताल लोक में रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब भद्रा पाताल लोक में होती है, तो उसका पृथ्वी लोक पर अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता। इसलिए आप बिना डर के प्रदोष काल में पूजा और दीपदान कर सकते हैं। छोटी दिवाली की सबसे खास परंपरा यम दीपदान है। मान्यता है कि इस दिन यमराज के नाम से दीपक जलाने से परिवार को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति आती है। इस साल यम दीपदान का शुभ मुहूर्त शाम 5:32 बजे से 6:48 बजे तक है। अगर इस समय आप दीपक नहीं जला पाए, तो प्रदोष काल यानी शाम 5:32 बजे से रात 7:56 बजे तक भी दीपदान कर सकते हैं।
लक्ष्मी पूजा और हनुमान पूजा का मुहूर्त शाम 5:41 बजे से 7:18 बजे तक है। रात में पूजा करने वालों के लिए निशिता काल रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक रहेगा। यम दीपदान के लिए मिट्टी का चौमुखा दीपक लें। इसमें सरसों या तिल का तेल डालें और चार बत्तियां लगाएं। इसके बाद दीपक को घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखें, क्योंकि दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है। दीपक जलाते समय यह मंत्र बोलें - मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम॥ इसके बाद दीपक को वहीं छोड़ दें, उसे वापस घर में न लाएं।
छोटी दिवाली पर 14 दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर 16,100 कन्याओं को मुक्त कराया था, इसलिए इस दिन घर, आंगन, तुलसी, रसोई, मुख्य द्वार और नाली के पास भी एक-एक दीपक जलाया जाता है। 7 नवंबर को राहुकाल सुबह 9:21 बजे से 10:43 बजे तक रहेगा, इस दौरान शुभ काम से बचें। इस दिन उबटन लगाकर स्नान करने को रूप चौदस कहा जाता है, इससे सौंदर्य और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। नोट: ये मुहूर्त दिल्ली पंचांग के अनुसार हैं। आपके शहर में सूर्यास्त के समय के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।
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