धनतेरस से पहले घर के दरवाजे पर बांध दें इन पत्तों का तोरण, पूरे साल होगी पैसों की बारिश
दिवाली पर मुख्य द्वार पर तोरण लगाना बहुत शुभ माना जाता है। आम के पत्ते: सबसे पवित्र, इसमें त्रिदेव का वास है, लक्ष्मी को आकर्षित करता है। अशोक के पत्ते: शोक का नाश करता है, घर में सुख-शांति लाता है। गेंदे के फूल: पीले गेंदे के साथ आम के पत्तों का तोरण सबसे उत्तम है। तोरण हमेशा नया और विषम संख्या में लगाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में समृद्धि आती है।

दिवाली पर घर की सजावट सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं होती, बल्कि इसके पीछे गहरी धार्मिक मान्यता भी होती है। शास्त्रों के अनुसार मुख्य द्वार पर सही पत्तों का तोरण लगाने से मां लक्ष्मी स्वयं खिंची चली आती हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वास्तु शास्त्र भी मानता है कि दरवाजे पर लगा तोरण नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है। आइए जानते हैं दिवाली पर किन पत्तों का तोरण लगाना सबसे शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में आम के पत्तों को सबसे पवित्र माना गया है। हर पूजा-कलश में आम के पत्ते रखे जाते हैं। मान्यता है कि आम के पत्ते में भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। दिवाली पर मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और वातावरण शुद्ध होता है।
आम के पत्ते हवा से कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं, इसलिए यह स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे हैं। इसे लक्ष्मी आगमन का प्रतीक माना जाता है। जैसा नाम वैसा काम। अशोक यानी जहां शोक न हो। अशोक के पत्तों का तोरण लगाने से घर के सारे दुख और क्लेश दूर होते हैं। वास्तु के अनुसार अशोक के पत्ते घर में पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ाते हैं। दिवाली पर अशोक और आम के पत्तों को मिलाकर तोरण बनाना बहुत ही शुभ माना जाता है। इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। पीपल के पेड़ में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का वास माना जाता है। पीपल के पत्तों का तोरण धन और वैभव को आकर्षित करता है। हालांकि पीपल के पत्ते रोज तोड़ना मना है, लेकिन दिवाली जैसे पर्व पर सुबह स्नान के बाद पेड़ से प्रार्थना करके पत्ते तोड़े जा सकते हैं।
सिर्फ पत्ते ही नहीं, पत्तों के साथ गेंदे के फूलों का तोरण और भी ज्यादा प्रभावशाली होता है। पीले गेंदे के फूल भगवान विष्णु को प्रिय हैं और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करते हैं। आम के पत्ते और गेंदे के फूल का कॉम्बिनेशन दिवाली के लिए बेस्ट माना जाता है। तोरण लगाने का सही तरीका: तोरण हमेशा विषम संख्या में पत्तों से बनाएं जैसे 11, 21, 51। तोरण को कभी भी जमीन पर न गिरने दें, यह अपशगुन माना जाता है। तोरण को मुख्य द्वार पर इतनी ऊंचाई पर लगाएं कि वह सिर से न टकराए। दिवाली पर नया तोरण ही लगाएं, पुराना या सूखा तोरण हटा दें। तोरण लगाते समय मन में मां लक्ष्मी का ध्यान करें। मान्यता है कि जिस घर की चौखट सुंदर और सजी हुई होती है, मां लक्ष्मी वहीं ठहरती हैं। इस दिवाली आप भी इन पत्तों का तोरण लगाकर मां लक्ष्मी को अपने घर आमंत्रित करें।




