मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:11 · नई दिल्ली संस्करण

मुख्य सचिव ने विकास विभाग को लिखा पत्र, रांची में निर्माणाधीन अर्बन हाट योजना पर मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

रांची, मुख्य सचिव एल ख्यिांग्ते ने रांची में कांके में

निर्माणाधीन अर्बन हाट योजना की पूरी स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध

में उन्होंने शनिवार को नगर विकास विभाग को पत्र लिखा है। मुख्य सचिव ऑफिस

के निर्देश के बाद नगर विकास विभाग ने भी नगर आयुक्त रांची नगर निगम को

अर्बन हार्ट योजना की स्थिति पर अद्यतन रिपोर्ट देने को कहा है।

राजधानी

रांची में अर्बन हाट निर्माण योजना में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करने के

बाद इसे बंद कर दिया गया है यानी इतनी राशि इसमें बर्बाद भी हो गयी और

योजना अब भी धरातल पर नहीं उतरी। वर्ष 2016 में ही अर्बन हाट योजना बनाने

का काम शुरू किया गया और जिस स्थान पर काम प्रारंभ हुआ वहां जंगल-झाड़ पहले

से काफी था। हालांकि, बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इसकी उपयोगिता पर

सवाल उठाये ओर इसे बंद करने का आदेश दिया। अधूरे निर्माण को पूरा करके वहां

पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर या गर्ल्स हॉस्टल बनाने पर विचार हुआ लेकिन अब

भी यह कागजों पर ही है।

व्यापारियों को बड़ा बाजार देने की सोच से

अर्बन हार्ट योजना पर काम प्रारंभ किया गया था। स्थानीय शिल्पकार, पारंपरिक

भोजन और कलकारों को बड़ा मंच मुहैया कराने के लिए अर्बन हाट का निर्माण

किया जाना था। इसके अलावा देशभर के शिल्पकारों की दुकान लाने और स्थानीय

शिल्पकारों को उत्पाद बेचने के लिए बाजारा उपलब्ध कराना था। वहां स्थानीय

युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ट्रेनिंग सेंटर से लेकर व्यवासायिक

गतिविधियां संचालित की जानी थी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें