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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:03 · नई दिल्ली संस्करण

बरगाई ज़मीन घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बरगाई ज़मीन घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज

रांची : रांची के बड़गाई क्षेत्र में 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़ा और उससे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अदालत से राहत नहीं मिली है। धन शोधन निवारणअधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत ने उनकी डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया है, जिससे यह मामला अब आगे की कानूनी कार्यवाही की दिशा में बढ़ गया है।

विशेष पीएमएलए अदालत के जज योगेश कुमार ने सोमवार को यह आदेश सुनाया। इससे पहले तीन जून को दोनों पक्षों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और बचाव पक्ष की दलीलें पूरी हो चुकी थीं। सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है।

दरअसल, मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल डिस्चार्ज याचिका में कहा गया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप आधारहीन हैं और वे इस मामले में निर्दोष हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया था कि ईडी के पास ऐसे कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं, जो उन्हें अपराध से सीधे जोड़ सकें। बचाव पक्ष ने इसे “राजनीतिक और कानूनी रूप से कमजोर मामला” बताते हुए आरोपमुक्त करने की मांग की थी।

हालांकि विशेष अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार नहीं किया और यह माना कि इस स्तर पर आरोपों को समाप्त करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। अदालत के अनुसार मामले में आगे विचारण (ट्रायल) के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है, इसलिए याचिका खारिज कर दी गई।

उल्लेखनीय है कि इस मामले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई बार छापेमारी की और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की। जांच के बाद एजेंसी ने कई आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ईडी का दावा है कि जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर और अवैध लेन-देन के जरिए धन शोधन किया गया।

हेमंत सोरेन ने 5 दिसंबर 2025 को यह याचिका दायर कर खुद को इस मामले से मुक्त करने की मांग की थी। लेकिन अब अदालत के ताजा फैसले के बाद मामला ट्रायल की ओर आगे बढ़ेगा।

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