मुख्यमंत्री ने अयोध्या को दी ईवी की सौगात, डिजिटल टूरिस्ट एप भी किया लॉन्च
मुख्यमंत्री जी ने अयोध्या में 50 ई-बसों और 25 ई-ऑटो को दिखाई हरी झंडी
अयोध्या
। अयोध्या धाम में नवनिर्मित मंदिर में भगवान श्रीराम लला की प्राण
प्रतिष्ठा से पूर्व रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विभिन्न
कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने ई वाहनों (50
इलेक्ट्रिक बसों एवं 25 ई ऑटो) का फ्लैग ऑफ कर अयोध्यावासियों को उपहार
दिया। साथ ही मुख्यमंत्री जी ने डिजिटल टूरिस्ट एप के साथ ही अयोध्या पुलिस
की आधिकारिक वेबसाइट को भी लॉन्च किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने
उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि
अयोध्या धाम में श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पूर्व आने
वाले श्रद्धालुओं के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध हो
सके, इस उद्देश्य से अयोध्या नगर निगम और अयोध्या सिटी में ई-बसों एवं
ई-ऑटो के शुभारंभ व टूरिज्म सेंट्रिक मोबाइल एप और अयोध्या पुलिस की
आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी की
तिथि भारत की श्रद्धा और आस्था को सम्मान देने की तिथि है व भारत के
स्वाभिमान और सम्मान को पुनर्स्थापित करने की भी पावन तिथि है। जब प्रभु
श्रीराम 500 वर्षों के बाद अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे तो न केवल
अयोध्या धाम में बल्कि पूरे देश और प्रदेश में रामराज्य की स्थापना का जो
कार्य 2014 में प्रारंभ हुआ था, इसे मूर्त रूप प्रदान करते हुए यशस्वी
भविष्य की कामना के साथ हमें उनका आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उन्होंने
कहा कि स्वाभाविक रूप से इस पौराणिक और ऐतिहासिक तिथि को आने वाले
श्रद्धालुओं, भक्तों, आस्थावान यात्रियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए
अयोध्या सज धज रही है। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 2023 को किया है। क्या कोई सोचता था कि अयोध्या
में इतनी शानदार सड़कें होंगी। आज आप अयोध्या में राम पथ, भक्ति पथ, धर्म
पथ, जन्मभूमि पथ को देखेंगे तो हर कोई अभिभूत होगा। मल्टीलेवल पार्किंग,
गुप्तार घाट से लेकर रामजी की पैड़ी और नए घाट तक के घाटों का निर्माण,
सूरजकुंड, भरतकुंड इन सबके सौंदर्यीकरण के कार्यक्रम को देखेगा तो हर कोई
अभिभूत हो जाएगा। उसी श्रंखला में आने वाले श्रद्धालुओं की अवस्थापना
सुविधाओं के लिए अच्छे यात्री निवास, धर्मशालाओं का निर्माण, अच्छे होटल,
टेंट सिटी भी बन रही है या बन चुकी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि
आने वाले यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए इलेक्ट्रिक बसें, ई ऑटो
और अन्य सुविधाएं यहां पर प्रारंभ हो रही हैं। यही नहीं, डिजिटल टूरिस्ट एप
के द्वारा कोई भी आने वाला श्रद्धालु अयोध्या के हर स्पॉट का अवलोकन कर
सके और अयोध्या को नजदीक से निहार सके, इस दृष्टि से भी इस कार्यक्रम को आज
यहां संपन्न किया गया है।
सीएम योगी ने अयोध्यावासियों को बधाई और
शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस अवसर पर मैं सभी अयोध्यावासियों को बधाई और
मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देता हूं। आने वाले सभी श्रद्धालुजनों के लिए
अभी से उनका अग्रिम अभिनंदन करते हुए सभी अयोध्यावासियों का अभिवादन करता
हूं। हजारों वर्षों बाद यह अवसर आता है, जब प्रभु की सेवा में कुछ कर
गुजरने का अवसर मिलता है। हमारी पीढ़ी को यह अवसर मिला है। 500 वर्षों बाद
प्रभु श्रीराम स्वयं के भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। देश और दुनिया
अयोध्या के प्रति आतुर है। कब उन्हें अयोध्या में प्रभू श्रीराम के दर्शन
का अवसर मिलता है। हम सौभाग्यशाली हैं कि यहां पर हमें प्रभु का आशीर्वाद
मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी बनती है कि सबसे
पहले अयोध्या स्वच्छ और सुंदर दिखाई दे। सरकार का जो काम है वो सरकार कर
रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कों का चौड़ीकरण, रेलवे लाइन, एयरपोर्ट जैसी
सुविधाओं के साथ ही इलेक्ट्रिक बसें अयोध्या को चमकाने का कार्य करेंगी।
इनके रूट भी तय किए जा चुके हैं। लगभग 200 इलेक्ट्रिक बसें तात्कालिक रूप
से हम अयोध्या को दे रहे हैं, लेकिन हम इसे 500 तक विस्तार देंगे। इसमें
नगर विकास के साथ परिवहन विभाग लगे हुए हैं। निजी क्षेत्र को भी इस क्षेत्र
में आमंत्रित किया जाए। अयोध्या देश की पहली सोलर सिटी बनने जा रही है,
इसलिए हमें इस कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाना है।
सीएम योगी ने
कहा कि टूरिस्ट एप से हम अयोध्या की एक-एक चीज को देख सकें, अवलोकन कर सकें
और आसानी से महत्वपूर्ण स्थानों पर पहुंच सकें, ये सुविधा प्रदान की जा
रही है। यह सिर्फ इंग्लिश में नहीं बल्कि हिंदी, संस्कृत समेत संविधान की
अनुसूची में जितनी भी भाषाएं हैं उनमें भी यह उपलब्ध हो जाएगा। इसी तरह,
पुलिस से सहायता लेनी है, कहां थाना है, कहां चौकी है, इमरजेंसी सेवाएं
कैसे मिलेंगी, 1090 की क्या भूमिका है, 112 की क्या भूमिका है, कौन अधिकारी
आपके सहयोग के लिए तत्पर रहेगा, पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर आपको यह
सुविधा भी मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर किसी की इच्छा
है कि उसे अयोध्या धाम का दर्शन हो, यह हमारा सौभाग्य है कि प्रभु की सेवा
में हमें कुछ कर गुजरने का अवसर मिल रहा है, इसलिए हमें कोई कोर कसर नहीं
छोड़ना है। यहां जो भी श्रद्धालु आएं वो एक अच्छी छवि लेकर जाएं यही
अपेक्षा है। प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप अयोध्या को वैश्विक रूप से
एक पहचान दिलानी है। सुबह ही अयोध्या से स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई
है। यह पूरे प्रदेश में 21 जनवरी तक चलेगा। हर देव मंदिर में 16 जनवरी से
22 जनवरी से अखंड रामायण का पाठ और राम संकीर्तन का आयोजन होगा। यह
कार्यक्रम चाहे घर में हो या देव मंदिर में, गांव में हो या शहर में, हर
जगह अखंड रामायण और राम संकीर्तन के साथ सभी को जुड़ना है।
सीएम
योगी ने कहा कि 22 जनवरी को जब प्रधानमंत्री मोदी जी के कर कमलों से
अयोध्या धाम में प्रभु राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो रहे होंगे, इस
अवसर पर मेरी सभी से अपील है जो अयोध्या आने के इच्छुक हैं वो इस कार्यक्रम
को लाइव देखें। हम सबको एक बात जरूर सुनिश्चित करनी है कि अयोध्या अभी नव
निर्माण से गुजर रही है। 22 से पहले यहां कोई भी वीआईपी मूवमेंट न हो तो
अच्छा है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद जब लोग यहां पर आएंगे तो उनको भी असुविधा
नहीं होगी और यहां व्यवस्था से जुड़े लोगों को भी असुविधा नहीं होगी।
उन्होंने
कहा कि 22 को जब प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम चल रहा होगा उसे हर कोई
लाइव देखे। ट्रस्ट के द्वारा जिन लोगों को आमंत्रित किया गया है, वो यहां
आएंगे। जो लोग यहां नहीं आ पा रहे हैं वो इसका लाइव अवलोकन करें। बाद में
उन्हें जब अवसर मिलता है तो अयोध्या धाम आकर वो प्रभु राम का दर्शन करें।
हमें उनका स्वागत करने में प्रसन्नता होगी।
इस दौरान सीएम योगी ने
हरी झंडी दिखाकर ई बसों और ई ऑटो के संचालन का शुभारंभ किया। वहीं उन्होंने
बटन दबाकर पहले डिजिटल टूरिज्म एप को और अयोध्या पुलिस की आधिकारिक
वेबसाइट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अयोध्या जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य
प्रताप शाही, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी,
विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधान परिषद
सदस्य हरिओम पांडे, जिलाध्यक्ष भाजपा संजीव सिंह, प्रमुख सचिव नगर विकास
अम्रत अभिजात एवं जिला प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद रहे।





