सीबीआई कोर्ट ने पंकज यादव को सबूतों और तथ्यों को एफिडेविट के रूप में पेश करने को कहा
रांची, । 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले की क्लोज़र रिपोर्ट मामले
की सुनवाई शनिवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा के कोर्ट में
हुई। सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट को चुनौती देते हुए शिकायतकर्ता पंकज यादव
और सूर्य सिंह बेसरा ने विधानसभा कमेटी के रिपोर्ट को आधार बनाते हुए
सीबीआई जांच को जारी रखने की मांग की।
पंकज ने राष्ट्रीय खेल मेगा
स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स निर्माण में अनियमितता समिति की विधानसभा कमेटी के
संयोजक सरयू राय तथा सदस्य राधाकृष्ण किशोर के निष्कर्ष और अनुशंसा पर
कार्रवाई करने की मांग की।
पंकज यादव के वकील प्रशांत कुमार ने
कोर्ट को बताया कि सीबीआई ने अपनी क्लोज़र रिपोर्ट में सिर्फ यह लिखा है कि
दो विभागों में कम्युनिकेशन गैप के कारण ये अनियमितता हुई है, जो समझ से
परे है। पंकज यादव ने कोर्ट के समक्ष परामर्शी का चयन और तत्कालीन खेल
मंत्री की ओर से टेंडर खुल जाने के बाद अपने पसंदीदा सवेंदक को टेंडर
दिलाने की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। साथ ही तत्कालीन मंत्री सुदेश महतो और
उनके आप्त सचिव गोपालजी तिवारी का विदेश भ्रमण का मुद्दा भी उठाया। सीबीआई
कोर्ट ने इन सारी बातों को तथ्यों के साथ एफिडेविट के रूप में 20 अगस्त तक
जमा करने का निर्देश दिया।
सूर्य सिंह बेसरा ने विधानसभा कमेटी के सदस्यों से पूछे बगैर क्लोज़र रिपोर्ट जमा कर देने पर सीबीआई की मंशा पर सवाल उठाया है।





