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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:47 · नई दिल्ली संस्करण

अभ्यर्थियों के पास पीजीटी परीक्षा में हुए व्यापक भ्रष्टाचार के पुख्ता प्रमाण : अमर बाउरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

रांची, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) पीजीटी परीक्षा में

हुए धांधली के जांच के मांग एवं श्रेया डिजिटल, बोकारो एवं शिवा इंफोटेक

परीक्षा केंद्र के सफल अभ्यर्थियों के जांच की मांग को लेकर राजभवन के

समक्ष धरना दे रहे अभ्यर्थियों से रविवार को नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार

बाउरी, रांची विधायक सीपी सिंह, कांके विधायक समरी लाल, राजमहल विधायक अनंत

ओझा एवं गोड्डा विधायक अमित मंडल ने मुलाकात की। साथ ही उनके विषय को

विस्तार से जाना।

मौके पर नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने कहा

कि जेएसएससी पीजीटी मामले में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। जिस तरह से

अभ्यर्थियों ने अपने साथ हो रहे अन्याय के पुख्ता प्रमाण दिखाएं है, उससे

लगता है कि झारखंड सरकार ने सफल अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नौकरी बेचने का

काम किया ह। सरकार को चाहिए कि जब सीबीआई पहले से ही नियुक्ति घोटाले मामले

पर अपनी जांच कर रही है तो इस मामले की जांच भी एक साथ करवा दें।

बाउरी

ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रति वर्ष पांच लाख नौकरी देने का वादा किया था

और नौकरी नहीं मिलने पर पांच से सात हजार रुपये का भत्ता देने का वादा

युवाओं से किया था लेकिन नौकरी देना तो दूर सरकार नौकरी को बेचने का काम कर

रही है। कई मामले की जांच एसआईटी का गठन कर की गई, जिसमें राज्य सरकार के

ही दो अधिकारियों की गिरफ्तारी भी की गई लेकिन पूरा मामला ठंढे बस्ते में

चला गया और किसी पर भी कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।

बाउरी ने कहा

कि धरने पर बैठे छात्रों को पहले तो समझाने का काम किया जा रहा था लेकिन अब

उन्हें धमकी भी दी रही है। यदि युवाओं के साथ कोई भी छेड़छाड़ होती है तो

सड़क से लेकर सदन तक भारतीय जनता पार्टी इस लड़ाई को लड़ने का काम करेगी।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि युवाओं के साथ सरकार छेड़छाड़ ना करें, नहीं तो

सत्ता के साथ झारखंड से भी उन्हें हाथ धोना पड़ेगा।

रांची के

विधायक सीपी सिंह ने कहा कि जिस तरह से छात्रों ने प्रमाण पेश किए हैं उसे

लगता है कि झारखंड के पांच सेंटर से ही अभ्यर्थी सफल हुए हैं। जिस कंपनी को

परीक्षा करवाने का टेंडर दिया गया वह कंपनी पहले से ही ब्लैक लिस्ट है।

इसके बावजूद फिर से उसी कंपनी से परीक्षा करवाने पर भी सरकार के ऊपर सवाल

खड़े हो रहे हैं।

रांची विधायक ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय

जांच एजेंसी से करवाने की बात कही ताकि छात्रों को न्याय मिल सके। साथ ही

उन्होंने छात्रों को हाई कोर्ट जाने का भी सुझाव दिया ताकि कोर्ट के माध्यम

से इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से करवाई जा सके।

उल्लेखनीय है कि

पिछले 23 दिनों से पीजीटी के अभ्यार्थी राजभवन के समक्ष धरना पर बैठे हैं

और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।

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