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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:26 · नई दिल्ली संस्करण

कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले ने सीएम ममता बनर्जी की पोल खोली: तरुण चुघ

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले ने सीएम ममता बनर्जी की पोल खोली: तरुण चुघ

कोलकाता। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी सरकार और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने ईडी बनाम ममता बनर्जी मामले और पश्चिम बंगाल में हुई छापेमारी को लेकर समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले ने सीएम ममता बनर्जी के पूरे प्रचार और दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले से साफ हो गया है कि टीएमसी जो बातें कह रही थी, वे गलत थीं।

तरुण चुघ ने सवाल उठाते हुए कहा, "आखिर उस फाइल में ऐसा क्या था, जिसे छिपाने के लिए मुख्यमंत्री को खुद वहां पहुंचना पड़ा? यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी निजी कंपनी की ईडी जांच में एक राजनीतिक पार्टी, मुख्यमंत्री और पूरी सरकार गैर-संवैधानिक और गैर-कानूनी तरीकों का सहारा ले रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम ममता बनर्जी का यह व्यवहार साफ दिखाता है कि अपने करीबी लोगों को बचाने के लिए यह पूरा नाटक किया जा रहा है।

तरुण चुघ ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू यादव और उनका पूरा परिवार वर्षों से 'जंगलराज और लूट-खसोट' को बचाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध का रोना रोते रहे हैं, लेकिन अदालत ने ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर यह साफ कर दिया है कि मामले में आरोप बेहद गंभीर हैं और इसका जवाब जनता को देना पड़ेगा। चुघ ने कहा कि अदालत का फैसला यह संदेश देता है कि कानून के सामने कोई भी परिवार या राजनीतिक विरासत टिक नहीं सकती।

वहीं दूसरी ओर, कोलकाता में केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनका आरोप है कि टीएमसी के विधायक और उनके समर्थक जानबूझकर एसआईआर प्रक्रिया को रोकने के लिए तोड़फोड़ कर रहे हैं। मजूमदार ने दावा किया कि यह सिर्फ तृणमूल के हित में नहीं किया जा रहा, बल्कि इसका उद्देश्य कथित तौर पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल में बसाना, राज्य की जनसांख्यिकी बदलना और इसके पीछे एक बड़े एजेंडे को आगे बढ़ाना है।

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