मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:47 · नई दिल्ली संस्करण

उप्र में कांवड़ मार्गों पर स्थित दुकान मालिकों को लिखना होगा अपना नाम

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

लखनऊ, । पवित्र श्रावण मास की शुरुआत से पहले उत्तर प्रदेश के

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिवभक्तों के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश

भर में कहीं भी कांवड़ यात्रा के मार्ग पर पड़ने वाली दुकानों के मालिकों

का नाम लिखना अनिवार्य कर दिया है। अब किसी कांवड़िया भक्त को यात्रा के

दौरान खाने-पीने की वस्तुएं खरीदने के लिए कोई समस्या नहीं होगी।

सरकारी

प्रवक्ता के मुताबिक कांवड़ मार्गों पर खाने-पीने की दुकानों पर नेम प्लेट

लगानी होगी। नेम प्लेट में दुकान संचालक और उसके मालिक का नाम लिखा जाएगा।

कांवड़ यात्रियों की आस्था की शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार ने यह कदम

उठाया है। इसके साथ ही हलाल सर्टिफिकेशन वाले उत्पाद उप्र में नहीं बेचे जा

सकेंगे। ऐसे उत्पाद बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

कई बार

पुलिस को यह शिकायत मिल रही थी कि कुछ लोग अपना धर्म छुपाकर व्यापार कर

रहे हैं। मसलन रेस्टोरेंट व अन्य खाने-पीने की दुकानें संचालित कर रहे हैं।

वे दुकान पर हिंदू देवी-देवताओं की फोटो भी लगाए हुए हैं। कांवड़ यात्रा

के दौरान शिवभक्तों को डर है कि ऐसी दुकानों पर उन्हें अंधेरे में रखकर

मांस परोसा जा सकता है। लिहाजा ऐसे लोगों को अपनी दुकान के सामने नाम लिखना

चाहिए ताकि शिवभक्त उन्हीं दुकानों पर जाएं जहां उन्हें स्वच्छता एवं

पवित्रता का भरोसा है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने शिवभक्तों की समस्या को

समझते हुए यह कदम उठाया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें