झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, संस्थाओं को अस्थाई कर्मियों को लेकर सेवा नियमितीकरण करने का दिया आदेश
रांची: राज्य एवं केंद्र सरकार के विभिन्न संस्थाओं में अंशकालिक रूप से,अस्थाई रूप से कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। अस्थाई रूप से कार्य कर रहे कर्मचारियों की सेवा नियमितीकरण को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का फैसला आया है। सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए राज्य और केंद्र सरकार को चार माह के अंदर 10 वर्षों से अधिक समय से राज्य एवं केंद्र सरकार के विभिन्न संस्थाओं में अंशकालिक रूप से अस्थाई रूप से कार्य कर रहे कर्मचारियों की सेवा नियमितीकरण करने का आदेश दिया है। अदालत द्वारा 69 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई किया गया था। इससे पहले अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने अपने फैसला सुनाते हुए कहा है कि केंद्र व राज्य सरकार विभिन्न संस्थाओं में अंशकालीन रूप से अस्थाई कर्मियों को नियमितीकरण करें। इसके लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के विभिन्न विभाग ऐसे मामलों में निर्णय लेने के लिए एक कमेटी का गठन करें। समिति सुप्रीम कोर्ट में उमा देवी के दिए गए आदेश के आलोक में झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस एनएन तिवारी द्वारा दिए गए आदेश और राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमितीकरण नियम के तहत निर्णय लेने को कहा है। इसके अलावा अदालत ने प्रार्थी को एक माह के अंदर संबंधित विभाग में रिप्रेजेंटेशन देने को कहा गया है।
राष्ट्रीय सागर संवाददाता





