EC दफ्तर के बाहर विपक्ष का हाई वोल्टेज ड्रामा: अखिलेश का स्टंट, राहुल-प्रियंका का धरना
संसद से चुनाव आयोग तक INDIA गठबंधन के मार्च को दिल्ली पुलिस ने ट्रांसपोर्ट भवन पर रोक दिया। पुलिस से झड़प में सपा प्रमुख अखिलेश यादव बैरिकेड पर चढ़कर कूद गए। रोके जाने पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत सांसद सड़क पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ा। EC दफ्तर और आकाशवाणी के पास RAF तैनात है।

दिल्ली में आज सियासी पारा हाई है। चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन के मार्च को लेकर राजधानी में हाई अलर्ट है। संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक निकले मार्च को पुलिस ने बीच में रोक दिया, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। INDIA ब्लॉक के सांसदों ने आज सुबह 10:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार पर जुटने का प्लान बनाया था। 11 बजे के करीब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खरगे समेत करीब 150 से ज्यादा सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च शुरू किया। विपक्ष का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ी हुई है और फॉर्म-6 में बदलाव कर वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। इसी को लेकर विपक्ष CEC के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
दिल्ली पुलिस ने पहले से ही जंतर-मंतर से लेकर EC दफ्तर और आकाशवाणी भवन के आसपास कई लेयर की बैरिकेडिंग कर रखी थी। ट्रांसपोर्ट भवन के पास पुलिस ने मार्च को रोक दिया। पुलिस के रोकते ही माहौल गर्मा गया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव अचानक पुलिस के बैरिकेड पर चढ़ गए और उसे फांद कर दूसरी तरफ कूद गए। उनके समर्थक भी उनके पीछे-पीछे बैरिकेड फांदने लगे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अखिलेश ने कहा, "वे हमें रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं।"
बैरिकेड पर रोकने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। सांसदों ने 'वोट चोरी नहीं चलेगी' और 'SIR वापस लो' के नारे लगाए। कई सांसदों ने सिर पर सफेद टोपी पहनी थी जिस पर SIR पर लाल क्रॉस का निशान बना था। दिल्ली पुलिस की DCP ने बताया कि चुनाव आयोग ने सिर्फ 30 लोगों को मिलने की अनुमति दी थी, जबकि मार्च में 200 से ज्यादा नेता आ गए थे, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से रोकना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेताओं को दो बसों में बैठाकर हिरासत में लिया और संसद मार्ग थाने ले गई। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। राहुल ने कहा, "हमें बोलने का मौका भी नहीं दिया जा रहा है, हम संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।"
मार्च से पहले ही दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। चुनाव आयोग मुख्यालय यानी निर्वाचन सदन, जंतर-मंतर और आकाशवाणी के पास भारी पुलिस बल के साथ RAF (Rapid Action Force) की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। ANI के वीडियो में आकाशवाणी के पास RAF जवानों की भारी मौजूदगी दिखी। पुलिस का कहना है कि ये इंतजाम एहतियाती तौर पर हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।ये पहला मौका नहीं है। इससे पहले 11 अगस्त 2025 को भी बिहार SIR के मुद्दे पर विपक्ष ने इसी तरह संसद से EC तक मार्च निकाला था, तब भी पुलिस ने ट्रांसपोर्ट भवन पर रोककर कई सांसदों को हिरासत में लिया था। इस बार INDIA ब्लॉक ने 30 सितंबर की बैठक में तय किया था कि 6 अक्टूबर को EC तक मार्च और 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में 'सेव डेमोक्रेसी' मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च में कांग्रेस, सपा, TMC, RJD, वाम दल समेत 19 दल शामिल हैं, जबकि AAP ने इस बार मार्च से दूरी बनाई है।




