मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:19 · नई दिल्ली संस्करण

ईडी के साथ बैठकर अब नयी कहानी गढ़ रहे हैं बाबूलाल मरांडी : सुप्रियो भट्टाचार्य

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के दिये बयान पर पलटवार किया है। झामुमो के महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मरांडी भाजपा और ईडी के गठजोड़ की पोल खुलने की डर से नयी कहानी गढ़ रहे हैं। एक तो आदिवासी, मूलवासी, दलित, शोषित अल्पसंख्यक एवं युवाओं के हृदय सम्राट हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करके लोकप्रिय सरकार को अपदस्थ करने की पटकथा भाजपा ने लिखी। इसका रूपांतर ईडी के के जरिये कराया गया। अब इसकी कलई खुलने के डर से नयी कहानी गढ़ रहे हैं, नए पात्र चुने जा रहे हैं। तिथियां चुनी जा रही है।

भट्टाचार्य ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आखिर जब सत्र चल रहा था और सदन में सदस्य के रूप में बाबूलाल उपस्थित थे, तो यह बात उन्होंने सदन में क्यों नहीं की। क्या वह भूल गए कि कल जब हेमंत ने भाजपा को ललकारते हुए कहा था कि कथित साढ़े आठ एकड़ की जमीन का दस्तावेज सदन में पटक कर दिखाओ तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा, तब उनको क्या डर सता रहा था कि रात भर जग कर ईडी के अधिकारियों के साथ बैठ कर इस तरह की कहानी गढ़ी।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने उन्हें बोलने का मौका तक नहीं दिया, क्योंकि वो जानते थे कि बाबूलाल सदन में असत्य बोलेंगे एवं उनके वक्तव्य पर कार्रवाई भी हो सकती थी। इसलिए उन्हें बोलने का मौका तक नहीं दिया। क्योंकि नेता प्रतिपक्ष को मालूम है कि बाबूलाल के नेतृत्व में निर्वाचित होकर आने के बाद उनके राजनैतिक फरेब, असत्य एवं भयादोहन कर लाभ लेने का चरित्र है। छह माह में ही झारखंड विकास मोर्चा को छोड़ कर भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व को यह आभाष तब हुआ जब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद अपने इस भूल को सुधारने के लिए अमर कुमार बाउरी को नेता प्रतिपक्ष बनाया, ताकि झूठ का काट बड़ा झूठ से किया जा सके।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें