मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:20 · नई दिल्ली संस्करण

11 सौ किलो के धनुष और 16 सौ किलो की गदा भगवान श्रीराम को समर्पित

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

अयोध्या,। रामभक्तों की 108 बसों के साथ शिवगंज, सुमेरपुर राजस्थान

से निकली यात्रा रविवार को अयोध्या पहुंची। इस यात्रा में श्री राम रथ पर

पंचधातु से निर्मित 11 सौ किलो के विशाल राम धनुष एवं 16 सौ किलो हनुमान

गदा के साथ अयोध्या पहुंचा। जिसकी श्रीराम मंदिर की ओर से पूजा अर्चना एवं

स्वागत किया गया।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के

महासचिव चंपत राय ने बताया कि पांच पड़ाव पार कर यह यात्रा अयोध्या पहुंची

है। ऐसा धनुष व हनुमान गदा होंगे जो राम मंदिर परिसर में स्थापित होगा।

उन्होंने

बताया कि रामरथ अयोध्या यात्रा शिवगंज सिरोही राजस्थान से शुरू हुई,

जिसमें मैं स्वयं तथा विश्व हिन्दू परिषद राजस्थान के संग़ठन मंत्री,

पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग के राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, सांसद

जालोर सिरोही लुम्बराम ने विशेष हवन पूजाकर इस यात्रा का शुभारंभ कराया।

उन्होंने

बताया कि इस यात्रा का दूसरा पड़ाव श्रीश्री माधव धाम कानोता जयपुर और

तीसरा पड़ाव आगरा दक्षिणी हनुमान का मंदिर गुरद्वारे के पास वाई पास व चौथा

पड़ाव रामस्वरूप इंजीनियर कॉलेज लखनऊ रहा है और पांचवा और अंतिम पड़ाव

अयोध्या रहा है।

इस यात्रा में 16 सौ किलोग्राम का गदा व 11

सौ किलोग्राम का राम धनुष ज़ो भगवान श्रीराम के मंदिर अयोध्या में समर्पित

किया गया। पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास के आवास पर डा.सरस्वती गौर ने गदा

और धनुष उनके हवाले किया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें