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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:43 · नई दिल्ली संस्करण

"हजारीबाग में कोल कंपनी के कार्यालय पर हमला, इलाके में तनाव"

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
"हजारीबाग में कोल कंपनी के कार्यालय पर हमला, इलाके में तनाव"

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में एनटीपीसी की बादम कोल खनन परियोजना के लिए काम करने वाली बीजीआर इंफ्रा माइनिंग के अंबाजीत स्थित साइट कार्यालय पर मंगलवार तड़के बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों ने धावा बोलकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं। घटना तड़के करीब पांच बजे की बताई जा रही है।

हमले में कार्यालय की संपत्ति और संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। हमले में किसी कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है।

बादाम कोल परियोजना एनटीपीसी की कोयला खनन परियोजना है, जबकि बीजीआर इंफ्रा माइनिंग इसमें माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर (एमडीओ) के रूप में काम कर रही है। परियोजना शुरू होने के बाद से ही भूमि अधिग्रहण, विस्थापन, पुनर्वास, मुआवजा और स्थानीय लोगों को रोजगार देने जैसे मुद्दों को लेकर ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच विवाद बना हुआ है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में यह विवाद और गहरा गया था। कुछ दिन पहले परियोजना प्रभावित ग्रामीणों ने कंपनी के अधिकारियों को घेर लिया था। बाद में पुलिस हस्तक्षेप के बाद अधिकारियों को वहां से सुरक्षित निकाला गया। इस घटना के संबंध में कंपनी की शिकायत पर सैकड़ों ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था।

बताया जा रहा है कि इसी कार्रवाई को लेकर इलाके में नाराजगी बढ़ रही थी। मंगलवार सुबह अचानक बड़ी संख्या में लोग कंपनी के साइट कार्यालय पहुंच गए। देखते ही देखते कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ शुरू हो गई। दरवाजे, खिड़कियां, फर्नीचर और अन्य सामान क्षतिग्रस्त कर दिए गए। घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई।

कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। सूचना मिलते ही बड़कागांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।

थाना प्रभारी दीपक सिंह ने बताया कि अज्ञात लोगों की भीड़ ने कार्यालय में तोड़फोड़ की है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। परियोजना विरोध, हालिया पुलिस कार्रवाई और अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

स्थानीय एसडीपीओ समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति की समीक्षा की।

घटना के बाद परियोजना क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है। पुलिस ने दावा किया है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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