झारखंड के विश्वकर्मा थे अटल बिहारी बाजपेई : संजय सेठ
रांची । रांची के सांसद संजय सेठ ने रविवार को खिजरी और सिल्ली के राहे एवं बनता में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व अटल बिहारी बाजपेई के द्वितीय पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धा सुमन अर्पित किया। सेठ ने रविवार को कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेई झारखंड के विश्वकर्मा थे। उन्हीं के द्वारा झारखंड अलग राज्य का निर्माण किया गया। बाजपेई एक महामानव थे। अटल बिहारी बाजपेई देश के सर्व माननीय नेता थे। देश के वह पहले ऐसे नेता थे जिसे हर कोई सुनना चाहता था और विकट परिस्थिति में उनसे सुझाव लिया जाता था। ऐसे धनी व्यक्तित्व के थे अटल बिहारी बाजपेई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए इन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतो और मूल्यों से समझौता नहीं किया। अपने प्रधानमंत्री काल में उन्होंने भारत को एक नई दिशा दी। आज उन्हीं के सिद्धांतों पर भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ता चल रहे है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके अधूरे सपनों को साकार कर रहे हैं।
आज उन्हीं के बताए हुए रास्ते पर चलते हुए हमारे प्रधानमंत्री देश को नित नए नए ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। आज वह हमारे बीच नहीं है, लेकिन आज भी हम सबो के दिल में बसे हुए हैं। इस अवसर पर राहे मंडल के स्वयंसेवक काल के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सांसद संजय सेठ द्वारा शॉल ओढा कर सम्मानित किया गया। सांसद सेठ ने मनसा पूजा की सब को ढेर सारी शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर भाजपा की प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती कुजुर पूर्व विधायक खिजरी रामकुमार पाहन, मंडल अध्यक्ष प्रमोद सिंह, राहे मंडल के धीरज महतो आदि मौजूद थे।





