बाबा मंदिर की अनुठी परंपरा, विभिन्न दलों की ओर से लगती है आकर्षक विल्वपत्र प्रदर्शनी
देवघर । बाबा मंदिर में चली आ रही परंपरा के अनुसार बेलपत्र प्रदर्शनी व बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा प्राचीन है। यह परंपरा लगभग 100 वर्षो से चला आ रही है। भाद्रपद मास सोमवार को सुबह सभी दलों द्वारा बाबा पर बिल्वपत्र अर्पित किया गया।
भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि सोमवार को शाम में विभिन्न दलों की ओर से आकर्षक प्रदर्शनी लगायी जाती है। इसमें काली मंदिर में जनरेल समाज व देवकृपा वन सम्राट बेलपत्र समाज, तारा मंदिर में बरनेल समाज, लक्ष्मी नारायण मंदिर में मसानी दल एक व दो एवं शांति अखाड़ा समाज, राम मंदिर में राजाराम बेलपत्र समाज, आनंद भैरव मंदिर में पंडित मनोकामना राधे श्याम बेलपत्र समाज के दो दल द्वारा आकर्षक एवं बाबा के त्रिनेत्र के समान अनोखे पहाड़ी बिल पत्र की प्रदर्शनी लगायी गयी।
परंपरा के अनुसार सभी दल के सदस्यों द्वारा शाम लगभग पांच बजे अपने विल्वपत्र को चांदी के बर्तनों में सजाकर शहर भ्रमण को निकलते हैं। इसके बाद वह अपने विल्वपत्र के साथ अपनी गद्दी बैठकर विल्वपत्र की प्रदर्शित करते हैं।





