मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:44 · नई दिल्ली संस्करण

रांची की होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण आरोप से मचा बवाल, मामला राज्यपाल तक पहुंचा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रांची की होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण आरोप से मचा बवाल, मामला राज्यपाल तक पहुंचा

रांची। रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद एक महिला कैदी के कथित यौन शोषण और उसके गर्भवती होने के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। इसे लेकर झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने मंगलवार को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है।

इधर, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) और जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू की है। जेल के अंदर महिला कैदी के कथित तौर पर यौन शोषण का मामला तीन दिन पहले तब सामने आया, जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा।

उन्होंने सीएम को इस मामले से अवगत कराते हुए जेल अधीक्षक और अन्य अधिकारियों की कथित अंतर्लिप्तता की जांच की मांग की।

इसके बाद झारखंड भाजपा ने इसे बेहद संवेदनशील मामला करार देते हुए हाईकोर्ट के मौजूदा जज से न्यायिक जांच कराने और जेल आईजी व अधीक्षक को तुरंत निलंबित करने की मांग की है।

इस बीच झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की विशेष टीम ने जेल जाकर पीड़िता का बयान दर्ज किया है। दूसरी ओर, जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

उनका दावा है कि उक्त महिला नशे की आदी है और जेल के भीतर मोबाइल तथा वीआईपी सुविधाएं न मिलने के कारण वह झूठे आरोप लगाकर अधिकारियों को फंसाने की धमकी दे रही थी।

जेल प्रशासन का कहना है कि महिला डॉक्टर के नेतृत्व में कराई गई जांच में गर्भावस्था की रिपोर्ट निगेटिव आई है। डालसा की टीम के अनुसार, वह जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एसएन प्रसाद को सौंप देगी।

रांची के उपायुक्त (डीसी) मंजूनाथ भजंत्री की ओर से गठित एडीएम (विधि-व्यवस्था) और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की तीन सदस्यीय प्रशासनिक जांच समिति ने भी मामले की जांच शुरू की है।

इधर, इस मामले में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को जो ज्ञापन सौंपा है, उसमें कहा गया है कि यदि महिला कैदी के शोषण होने की खबर सत्य है तो यह जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और महिला सम्मान पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। कि उच्च सुरक्षा वाली जेल में ऐसी घटना होना अत्यंत चिंताजनक है और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें