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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:42 · नई दिल्ली संस्करण

जेपीएससी इंटरव्यू में धांधली का आरोप, बाबूलाल मरांडी बोले- हो CBI जांच

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जेपीएससी इंटरव्यू में धांधली का आरोप, बाबूलाल मरांडी बोले- हो CBI जांच

-सीआईडी से जांच निष्पक्ष नहीं, इंटरव्यू बोर्ड में शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी हो जांच : बाबूलाल मरांडी

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 11वीं-13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा रद्द होने के बाद अब इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इंटरव्यू में गड़बड़ी और अभ्यर्थियों से पैसे लिए जाने की शिकायतों का हवाला देते हुए अपराध जांच विभाग (सीआईडी) जांच पर सवाल उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की है।

मरांडी ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि टीडीएल के रामवीर सिंह और अभय तिवारी की ओर से जेपीएससी के इंटरव्यू बोर्ड को ‘मैनेज’ करने की बात कहे जाने का दावा सामने आया है। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में अभ्यर्थियों से पैसे लेने के मामले में तत्कालीन जेपीएससी सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के पीए ब्रजराम की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि रामवीर सिंह ने पूछताछ में बताया है कि कोड डिकोड कर अभ्यर्थियों को तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष और सदस्यों के बोर्ड के समक्ष इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इंटरव्यू प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जरूरी है।

मरांडी ने इंटरव्यू बोर्ड में शामिल अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) मनोज कौशिक समेत कई आईपीएस अधिकारी जेपीएससी के इंटरव्यू बोर्ड का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में यदि बोर्ड में शामिल अधिकारियों की भूमिका पर ही सवाल उठ रहे हैं तो उसी जांच एजेंसी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कैसे संभव होगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। मरांडी ने कहा कि यदि इंटरव्यू में गड़बड़ी या उसे ‘मैनेज’ करने के आरोप सही पाए जाते हैं तो इंटरव्यू बोर्ड में शामिल सभी अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाने चाहिए और उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

मरांडी ने कहा कि मामले की जांच पूरी गहराई और निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए तथा जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके अनुसार, सीबीआई जांच से मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और अभ्यर्थियों के बीच भरोसा कायम करने में मदद मिलेगी।

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