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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:18 · नई दिल्ली संस्करण

नीट पेपर लीक मामले में ओएसिस स्कूल पर लगाए गए आरोप गलत : प्राचार्य

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

हजारीबाग,। झारखंड में नीट परीक्षा के दौरान लापरवाही बरती गई है। यह

बात हजारीबाग एनटीए के सिटी कोऑर्डिनेटर और ओएसिस स्कूल के प्राचार्य डॉ

एहसान उल हक ने कही। साथ ही उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में उनके स्कूल पर

लगाए जा रहे आरोपों से साफ इनकार किया है।

प्राचार्य ने पेपर लीक

मामले पर सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पांच मई को सुबह 7:30 बजे

बैंक से प्रश्नपत्र का बॉक्स प्राप्त हुआ था। इसके बाद नियमानुसार परीक्षा

ली गई। स्कूल से प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। एहसान उल हक ने कहा कि पूर्व

के दो प्रश्न पत्र लीक मामले में ईओयू की टीम हजारीबाग आई थी। उन्होंने

संदिग्ध स्थानों और स्कूल की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि जिस

प्रश्न पत्र के लीक होने की बात कही जा रही है उसके प्लास्टिक पैकेट के साथ

छेड़छाड़ की गई है।

प्राचार्य ने यह भी कहा कि जांच के दौरान पाया

गया कि प्रश्न पत्र तीन मई को ब्लू डार्ट कूरियर सर्विस के माध्यम से

एसबीआई बैंक हजारीबाग में पहुंचाया गया था। प्रश्न पत्र लाने के लिए

नेटवर्क के एक वाहन का इस्तेमाल किया गया था। ब्लू डार्ट कूरियर सर्विस ने

टोटो ई-रिक्शा के माध्यम से प्रश्न पत्र को हजारीबाग के बैंक तक पहुंचाया

गया। जिस वाहन से प्रश्न पत्र लाया गया था उसमें भी सुरक्षा का ख्याल नहीं

रखा गया था।

एहसान उल हक ने कहा कि हजारीबाग के जिस बैंक में

प्रश्नपत्र रखा गया था, वहां भी नियमों का पालन नहीं किया गया। महज एक छोटे

से पुर्जे में रिसीविंग दिखाया गया है। ईओयू की टीम जांच के लिए बैंक भी

पहुंची, जहां उन्होंने संबंधित अधिकारी से विस्तृत जानकारी ली। वहां भी टीम

को घोर लापरवाही के संकेत मिले हैं।

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