एचईसी का तीनों प्लांट किसी भी दिन हो सकता है ठप ,बिजली विभाग ने दिया सात दिनों का अल्टीमेटम
एचईसी का तीनों प्लांट किसी भी दिन हो सकता है ठप ,बिजली विभाग ने दिया सात दिनों का अल्टीमेटम
झारखंड राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का 180 करोड़ रुपए है बकाया
राष्ट्रीय सागर संवाददाता
रांची: देश में मदर ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज के रूप में मशहूर रही रांची स्थित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) के तीनों प्लांट किसी भी दिन ठप पड़ सकते हैं। इसकी वजह यह है कि कंपनी के पास बिजली बिल चुकाने तक के पैसे नहीं हैं और झारखंड राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने 15 दिनों में कंपनी को बिजली काटने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसे में एचईसी ने भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय को इसकी जानकारी देते हुए एक बार फिर आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। एचईसी पर बिजली बिल के मद में झारखंड राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) का 180 करोड़ रुपए बकाया है।
हाल में आई एचईसी की वर्ष 2022-23 की एनुअल रिपोर्ट से भी पता चलता है कि इसकी माली हालत दिनों-दिन किस तरह बदतर होती जा रही है। इस वर्ष एचईसी का कुल प्रोडक्शन महज 60.50 करोड़ रुपये का रहा, जबकि, कंपनी को 230.85 करोड़ का घाटा हुआ। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2021-22 में उत्पादन 203.84 करोड़ और घाटा 256.07 करोड़, वर्ष 2020-21 में उत्पादन 252.43 करोड़ और घाटा 175.78 करोड़, वर्ष 2019-20 में उत्पादन 158.29 करोड़ और घाटा 405.37 करोड़, वर्ष 2018-19 में उत्पादन 340.22 करोड़ और घाटा 93.67 करोड़ रुपये का हुआ था। विभिन्न मदों में कंपनी की देनदारी 250 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। सीपीएफ लोन और इंटरेस्ट में 6480.73 लाख, वॉलेंट्री पीएफ मद में 4616.12 लाख, एंप्लॉयर कंट्रीब्यूशन टू पीएफ में 1593.71 लाख, एंप्लॉय कंट्रीब्यूशन टू पीएफ में 2277.91 लाख, वाटर चार्ज में 5962.28 लाख, नगरपालिका कर में 173.47 लाख, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 4 लाख, जीएसटी रिवर्स चार्ज टैक्स में 215.67 लाख व प्रोफेशनल टैक्स मद में 7.36 लाख बकाया हैं।





