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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:40 · नई दिल्ली संस्करण

वाराणसी में मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से किया संवाद अधिवक्ता और उनकी यूनिफॉर्म विश्वास का प्रतीक : योगी आदित्यनाथ

राष्ट्रीय सागर डेस्क6 मिनट का पठन

वाराणसी,। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कचहरी

के निकट स्थित एक वाटिका में अधिवक्ताओं के साथ संवाद किया। दी सेन्ट्रल

बार एसोसियेशन बनारस के पहल पर आयोजित अधिवक्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने

अधिवक्ताओं की जमकर तारीफ की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि

अधिवक्ताओं ने देश व समाज के लिए खुद को समर्पित किया है। प्रधानमंत्री

नरेन्द्र मोदी अधिवक्ताओं की प्राथमिकता में हैं और अधिवक्ता उनकी

प्राथमिकता में हैं। आजादी की लड़ाई में अधिवक्ताओं ने प्रैक्टिस रोक कर देश

को पूरा समय दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक गरीब से

लेकर समाज के किसी भी तबके के व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ता के

प्रयास से लाखों लोगों को एक नया जीवन मिलता है। अधिवक्ता समुदाय समाज का

एक प्रबुद्ध वर्ग माना जाता है। देश के ज्वलंत समस्याओं से अधिवक्ता समुदाय

ने कभी खुद को अलग नहीं किया। समस्याओं व परेशानियों व चुनौतियों से लड़ने

के लिए हमेशा इस वर्ग ने प्रयास किया है। आजादी की लड़ाई के अग्रिम पंक्ति

के सेनानी हमारा अधिवक्ता समुदाय था। देश की आजादी के आंदोलन में भी

अधिवक्ताओं का योगदान रहा है। उनके मन में नेशन फर्स्ट था। आज पीएम मोदी भी

नेशन फर्स्ट के अभियान को लेकर चले हैं। एक तरफ नेशन फर्स्ट तो दूसरी तरफ

फैमिली फर्स्ट वाले लोग हैं। आज विरासत, सुरक्षा, सम्मान, विकास और गरीब

कल्याण के कार्य हो रहे हैं। हमारा अधिवक्ता समुदाय लड़ते-लड़ते थक जाता था,

लेकिन अयोध्या का फैसला नहीं आ पाता था। अब तो वहां मंदिर भी बन गया है।

काशी में आप कुछ और भी कर रहे हैं। काशी की देखादेखी अब मथुरा में भी आगाज

हो गया है।

- सुशासन के लिए कानून का राज और सुरक्षा पहली शर्त

मुख्यमंत्री

योगी ने कहा कि सुशासन के लिए कानून का राज और सुरक्षा पहली शर्त है। हम

एक-दूसरे के पूरक हैं। विधायिका के द्वारा बनाए गए अधिनियम को अधिवक्ता

समुदाय प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने का कार्य करता है। अपनों से पीड़ित

व्यक्ति परिवार के सदस्य के कहने पर हस्ताक्षर नहीं करता है, लेकिन

अधिवक्ता जहां भी कह दे, वहां हस्ताक्षर कर देता है। आप और आपकी यूनिफॉर्म

विश्वास का प्रतीक है। पीड़ित को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता सराहनीय और

अभिनंदनीय है। गरीब से लेकर समाज के हर तबके को न्याय दिलाने के आपके

प्रयास से लाखों लोगों को नया जीवन मिलता है।

-क्रांतिकारियों की पैरवी के लिए महामना खड़े रहे

अधिवक्ता

सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने बताया कि चौरीचौरा में गोरखपुर के

क्रांतिकारियों को जब फांसी दी गई थी तो उनकी पैरवी के लिए कई घंटों तक

महामना पं. मदन मोहन मालवीय खड़े रहे और कइयों को फांसी के फंदे से बचाया।

देश की हर चुनौती के लिए अधिवक्ता समुदाय खड़ा रहा, इसलिए लोकतंत्र के

महापर्व में भी अधिवक्ता समुदाय पीछे नहीं रह सकता। दस वर्ष में आपने बदलती

काशी, भारत और सात वर्ष में नए उत्तर प्रदेश को देखा है। इसका श्रेय

काशीवासियों को जाता है, क्योंकि आपने मोदी को प्रतिनिधि के रूप में चुनकर

संसद में भेजा। इस बदलाव का लाभ न केवल काशी, उत्तर प्रदेश, बल्कि

देश-दुनिया ले रही है। दुनिया में संकट आता है तो दुनिया भारत-मोदी की तरफ

देखती है।

-कैंट स्टेशन से काशी विश्वनाथ धाम तक देश का सबसे बड़ा रोपवे काशी में बन रहा

मुख्यमंत्री

ने कहा कि कैंट स्टेशन से काशी विश्वनाथ धाम तक देश का सबसे बड़ा रोपवे

काशी में बन रहा है। यह कार्य इस वर्ष के अंत तक हो जाएगा। प्रतिदिन एक लाख

श्रद्धालु इसका प्रयोग करेंगे। काशी की सड़कों से लेकर गलियों के अंदर तक

विकास हुआ। झूलते तारों से मुक्ति हुई। काशी के घाटों का सुंदरीकरण हुआ तो

गंगा जी अविरल और निर्मल हुई। न केवल सड़क, रेलवे, अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट व

वॉटरवे के रूप में काशी से हल्दिया तक जुड़ना दिखाता है कि काशी हर

कनेक्टिविटी का केंद्र बना है। काशी में काशी विश्वनाथ धाम बन गया। पहले

यहां 50 श्रद्धालुओं के आने पर परेशानी होती थी, आज 50 हजार श्रद्धालुओं के

साथ आने पर भी दिक्कत नहीं होती। एक दिन में 10-10 लाख श्रद्धालु दर्शन

करते हैं। इससे नाव, टैक्सी, होटल, रेस्टोरेंट, प्रसाद वालों समेत हर तबके

के लोगों का विकास होता है।

-काशी के बारे में लोगों की धारणा बदली

मुख्यमंत्री

योगी ने कहा कि काशी के बारे में लोगों की धारणा बदली है। नव्य-दिव्य काशी

में आए लोग अभिभूत होकर जाते हैं। 2017 के पहले काशी में रंगदारी आम बात

थी। माफिया हावी थे, हर काम में उनका हस्तक्षेप रहता था। व्यापारी नंदकिशोर

रुंगटा का अपहरण कर फिरौती लेकर उन्हें मारकर फेंक दिया जाता था। आतंकवाद

के सामने देश और प्रदेश की सरकार माफिया के आगे घुटने टेक चुकी थी। अब भारत

और उप्र में हुए परिवर्तन के वाहक आप हैं, क्योंकि आपने भाजपा व मोदी को

समर्थन दिया। सरकार जो भी दे रही है, वह हमारी ड्यूटी और समाज के हर तबके

का संरक्षण करना हमारा दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि

हमें भी न्याय के लिए अधिवक्ता के पास जाना पड़ता था। उनके चैंबर को देखकर

लगता था कि यह दूसरों के लिए लड़ते हैं, लेकिन सुविधा के अभाव में ही काम

करते हैं। चैंबर में ही दिन में ही सूरज और चांद दिखाई देते थे, फिर भी

मौसम की परवाह किए बिना अधिवक्ता काम करते थे। फिर हमने कहा कि यदि कोर्ट

का भवन बनेगा तो अधिवक्ता के चेंबर को भी इससे जोड़ा जाए। बेंच और बार में

संतुलन होना चाहिए। अधिवक्ताओं के चेंबर निर्माण के लिए भी सरकार ने धनराशि

उपलब्ध कराई। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम

पर विश्व स्तरीय लॉ यूनिवर्सिटी बना रहे हैं। हमारा प्रयास है कि वह देश के

लिए मानक बने। वहां से अच्छे अधिवक्ताओं की टीम पैदा करें। मुख्यमंत्री ने

अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान में किए गए प्रदेश सरकार के कार्यों को

भी गिनाया। उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण के लिए झांसी,

वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, देवरिया,

बलरामपुर, गोरखपुर में पैसा रिलीज कर दिया है।

-सम्मेलन में इनकी रही मौजूदगी

सम्मेलन

में प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी,

डॉ. अवधेश सिंह, द सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुरलीधर सिंह,

महामंत्री सुरेंद्र नाथ पांडेय, द बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश

सिंह, महामंत्री कमलेश सिंह, कमिश्नरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविशंकर

त्रिपाठी, सेल टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद राम त्रिपाठी, इनकम

टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीप्रकाश गुप्ता, बार कौंसिल सदस्य

हरिशकंर सिंह, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, विनोद कुमार पांडेय आदि अधिवक्ताओं

की मौजूदगी रही।

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