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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

यूपी में चीनी का पर्याप्त स्टॉक, लोगों से न घबराने की अपील: योगी

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की चीनी उपलब्धता की समीक्षा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन68 बार पढ़ा गया
यूपी में चीनी का पर्याप्त स्टॉक, लोगों से न घबराने की अपील: योगी

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की चीनी उपलब्धता की समीक्षा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है, इसलिए आम नागरिक कतई परेशान न हों। प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार उपलब्ध है। चीनी मिलों ने दो महीने (जून-जुलाई) में 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है। मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलें 15 अक्टूबर से संचालित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल (कुल 179.38 लाख कुंतल) चीनी प्रदेश में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जून व जुलाई में चीनी मिलों ने 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है, इसमें से अधिकांश चीनी अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों को संचालित किया जाए।

भ्रम फैलाने व कालाबाजारी करने वालों पर करें कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी ने आमजन से अपील की कि चीनी की कमी बताकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि चीनी की कालाबाजारी और भ्रम फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने भारत सरकार के निर्देश के क्रम में कहा कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक चीनी स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा और वे एक समय में 400 टन से ज्यादा स्टॉक भी नहीं रख सकते। बल्क कंज्यूमर्स (10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत) भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते। चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के अंतर्गत विक्रित चीनी को विक्रय की तिथि से सात दिन से अधिक अवधि तक गोदाम में नहीं रोकेंगी।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की समस्त पंजीकृत चीनी मिलों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराते हुए उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त करें। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक धारित करने अथवा जमाखोरी पर कठोर कार्रवाई की जाए। जनपद में चीनी की उपलब्धता एवं मूल्य पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी अथवा मूल्यवृद्धि की स्थिति में तत्काल शासन को अवगत कराएं।

48 लाख किसानों को किया गया 32,554 करोड़ का भुगतान

बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है। इससे 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है। उत्तर प्रदेश में प्रतिमाह अनुमानित चीनी खपत लगभग चार लाख टन है। पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32 हजार 554 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी किया गया है।---

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