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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:46 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड के देवघर में एसीबी का ट्रैप, भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झारखंड के देवघर में एसीबी का ट्रैप, भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार

रांची/देवघर। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को देवघर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों कर्मियों पर रिंग रोड परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की राशि जारी करने के बदले कमीशन मांगने का आरोप है।

इसके पहले गुरुवार को भी कोडरमा और गुमला जिले में एसीबी की कार्रवाई में अंदर रिश्वतखोरी के मामले में एक दारोगा और एक पंचायत सचिव को गिरफ्तार किया गया था। देवघर में शुक्रवार को गिरफ्तार कर्मियों की पहचान निरंजन और नुनु देव के रूप में हुई है। एसीबी के अनुसार, दोनों कर्मी एक लाभुक से मुआवजे की कुल राशि का पांच प्रतिशत हिस्सा बतौर कमीशन मांग रहे थे।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और जैसे ही दोनों कर्मियों ने लाभुक से रिश्वत की राशि ली, उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।

छापेमारी के दौरान उनके पास से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई। देवघर में रिंग रोड परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। नियमानुसार जिन किसानों और भू-स्वामियों की जमीन ली गई है, उन्हें सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाना है।

आरोप है कि भू-अर्जन कार्यालय के कुछ कर्मी मुआवजे की राशि जारी करने के बदले लाभुकों से कमीशन की मांग कर रहे थे। इसी क्रम में एक लाभुक ने एसीबी से शिकायत की थी कि उसका मुआवजा जारी करने के लिए कार्यालय के कर्मी लगातार पैसों का दबाव बना रहे हैं।

शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप बिछाया और शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम गिरफ्तार कर्मियों को अपने साथ दुमका ले गई है, जहां उनसे पूछताछ के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एसीबी ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत ब्यूरो को दें।

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