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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:38 · नई दिल्ली संस्करण

पश्चिम बंगाल: सीएपीएफ जवानों के मूवमेंट पर जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए नजर रखेंगे केंद्रीय पर्यवेक्षक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पश्चिम बंगाल: सीएपीएफ जवानों के मूवमेंट पर जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए नजर रखेंगे केंद्रीय पर्यवेक्षक

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले 1 मार्च से तैनात होने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को आवंटित वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे, ताकि भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की ओर से नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक लगातार निगरानी कर सकें कि तैनात सीएपीएफ कर्मियों का पहले दिन से प्रभावी उपयोग हो रहा है या नहीं।

आयोग ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 1 मार्च को तैनात की जाने वाली सीएपीएफ की 240 कंपनियों को चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही तैनात किया जाएगा। उन्हें क्षेत्र पर कंट्रोल और राज्य की भौगोलिक स्थिति से परिचित होने के कार्य में लगाया जाएगा।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, "आयोग के निर्देशानुसार पहले दिन से प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए इन सीएपीएफ कर्मियों को आवंटित वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे, ताकि आयोग की ओर से नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक उनके मूवमेंट को ट्रैक कर सकें।

पर्यवेक्षक सीएपीएफ के इस्तेमाल पर दैनिक रिपोर्ट भी आयोग को भेज सकते हैं।"

सूत्र के अनुसार, यही व्यवस्था 10 मार्च को दूसरे चरण में तैनात होने वाली अतिरिक्त 240 कंपनियों पर भी लागू होगी। सीईओ ऑफिस के अंदरूनी सूत्र ने बताया, "पश्चिम बंगाल में पिछले चुनावों में कई शिकायतें मिली थीं कि बड़ी संख्या में सीएपीएफ कर्मियों को तैनात करने के बावजूद पोलिंग के दिनों में भी उनका प्रभावी इस्तेमाल नहीं हुआ था।

ड्यूटी के दौरान सीएपीएफ कर्मियों के घूमने-फिरने की भी शिकायतें थीं। इसलिए ऐसी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए इस बार आयोग ने पहले दिन से ही सीएपीएफ कर्मियों की मूवमेंट पर सख्ती से नजर रखने का फैसला किया है, ताकि शुरू से आखिर तक उनका प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके।"

1 मार्च को तैनात होने वाली 240 कंपनियों के पहले फेज में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 110 कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 55 कंपनियां, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की 21 कंपनियां, इंडो-तिब्बत पुलिस फोर्स (आईटीबीपी) की 27 कंपनियां और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 27 कंपनियां शामिल होंगी।

दूसरे चरण में 10 मार्च को 240 कंपनियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें 120 सीआरपीएफ, 65 बीएसएफ, 16 सीआईएसएफ, 20 आईटीबीपी और 19 एसएसबी की कंपनियां शामिल होंगी। इन कुल 480 कंपनियों की किसी क्षेत्र से हटाने की प्रक्रिया की घोषणा चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार उचित समय पर की जाएगी।

--आईएएनएस

डीसीएच/

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