सिंदरी स्थित हर्ल कंपनी में कोरोना जांच के दौरान 66 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए
धनबाद। सिंदरी स्थित हर्ल कंपनी में कोरोना जांच के दौरान 66 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जबकि अभी बहुत लोगों का टेस्ट होना बाकी है।
हर्ल में कार्यरत सभी मजदूरों का यदि सही तरीके से जांच हो तो यह संख्या कईं गुना बढ़ जाएगी। कोरोना काल से पहले से ही यहां के स्थानीय लोंगो को हर्ल निर्माण में कार्य पर रखने की मांग की जाती रही है। परन्तु हर्ल प्रबंधन चाहे कोई भी हो स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया। और हर्ल में जो भी कंपनी काम कर रहीं हैं।
सबके सब बाहरी मजदूरों से कम पैसे में काम कराकर मजदूरो का शोषण करने के लिए ही स्थानीय लोगों को काम पर नहीं रखतीं आ रही है। बहरी मजदूरों से 12 से 14 घंटें काम का 500 रुपये हाजरी देतीं हैं। इस भ्रष्टाचार के कारण आज सिंदरी में कोरोना महामारी भयानक रूप ले ली है। और सिंदरी की जनता की जान पर बन आई है।
यह 66 मजदूर कहां कहां गए किस किस दुकान से समान खरिदें चाय नाश्ते किए। और कितने को कोरोना बांटते रहे हैं। क्या हर्ल कंपनी सभी सिंदरी वासियों का कोरोना टेस्ट करवाएगी। क्या कोरोना संक्रमित पाये जाने पर उनके नुकसान का भरपाई करेगी ? नहीं तो हर्ल प्रबंधन के मनमानी का परिणाम सिंदरी वासीयों को ही भुगतना होगा। और सारे अधिकारी सिंदरी वासीयों को उनके हालात पर छोड़ कर हर्ल सें लाभ ले रहे हैं। और जनता त्रस्त है।
चाहे सिंदरी की सड़क हो या बिजली व्यवस्था सब के सब चौपट हो गई है। और इसका एक ही जिम्मेवार है, हर्ल प्रबंधन ? इसके विरुद्ध संघर्ष करना होगा। सिंदरी की मुख्य समस्या जिसके लिए हर्ल प्रबंधन जिम्मेवार है।





