पचासवें 'खजुराहो नृत्य समारोह' का आगाज आज, मुख्यमंत्री शाम को करेंगे शुभारंभ

भोपाल,
20 फरवरी विश्वविख्यात शास्त्रीय नृत्य उत्सव 'खजुराहो नृत्य
समारोह' के 50वें संस्करण का आगाज आज (मंगलवार) होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन
यादव शाम सात बजे इसका शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर सांसद वीडी शर्मा,
संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, प्रमुख सचिव शिव
शेखर शुक्ला और संस्कृति संचालक एनपी नामदेव उपस्थित होंगे। समारोह में
विश्व धरोहर स्थल खजुराहो की धरती पद्म विभूषण और पद्मश्री कलाकारों की
ओजस्वी प्रस्तुति से गुंजायमान होगी।
समारोह
की शुरुआत पद्मश्री रंजना गौहर की मनमोहक कथक प्रस्तुति से होगी। यह सफर
26 फरवरी को पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह के नाट्य कथा 'मीरा' पर समाप्त
होगा। समारोह के 50वें वर्ष को खास और यादगार बनाने के लिए आज "कथक कुंभ"
का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 1500 से 1800 कलाकारों द्वारा कथक नृत्य
की समवेत प्रस्तुति के साथ नया "विश्व रिकॉर्ड" स्थापित किया जाएगा।
संस्कृति
एवं पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि विश्व धरोहर
स्थल खजुराहो मंदिर समूह में भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों पर केंद्रित
यह देश का शीर्षस्थ समारोह है। सभी प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों जैसे
भरतनाट्यम, ओडिसी, कथक, मोहिनीअटेम में प्रसिद्ध और नामचीन कलाकार
शास्त्रीय नृत्यों के समृद्ध सांस्कृतिक रूप को प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने
बताया कि संस्कृति विभाग के अंतर्गत उस्ताद अलाउद्दीन खान संगीत एवं कला
अकादमी द्वारा पर्यटन विभाग, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और मध्य प्रदेश
संस्कृति परिषद के संयुक्त प्रयासों से महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
स्वर्ण जयंती वर्ष को अविस्मरणीय बनाने के लिए आगंतुक भव्य समारोह में
प्रत्येक कदम के साथ संस्कृति और दिव्यता की लय का अनुभव करेंगे।
शिव
शेखर शुक्ला ने बताया कि समारोह के पहले दिन पद्मश्री रंजना गौहर और
साथियों द्वारा ओडिसी समूह की मनमोहक प्रस्तुति के साथ समारोह की शुरुआत
होगी। साथ ही दिल्ली की सुधाना शंकर के भरतनाट्यम नृत्य की ओजस्वी
प्रस्तुति मंदिर की शिलाओं को सजीव कर उठेगी। दूसरे दिन शेंकी सिंह द्वारा
कथक, पुणे की कलावर्धनी नृत्य कंपनी की सयाली काने द्वारा भरतनाट्यम समूह
नृत्य, भुवनेश्वर की अरूपा गायत्री पांडा द्वारा ओडिसी और श्रीगणेश नृत्य
कला मंदिर मुंबई की मनाली देव द्वारा कथक समूह नृत्य की प्रस्तुति दी
जाएगी। समारोह का तीसरा दिन पद्मश्री पुरु दाधीच, हर्षिता धाधीच और समूह के
कथक समूह नृत्य के नाम रहेगा। इसके साथ साक्षी शर्मा द्वारा कथक, दिल्ली
की कस्तूरी पटनायक द्वारा ओडिसी समूह नृत्य, केरल के विद्या प्रदीप द्वारा
मोहिनी-अट्टम की प्रस्तुति दी जाएगी।
समारोह
के चौथे दिन 23 फरवरी को पद्मश्री नलिनी कमलिनी और समूह द्वारा कथक समूह
नृत्य, मौमिता घोष वत्स द्वारा ओडिसी नृत्य, मार्गी मधु और समूह द्वारा
कोच्चि कुडिअट्टम त्रयी, सुचित्रा हरमलाकर और साथी द्वारा कथक समूह नृत्य
और रोशाली राजकुमार और समूह द्वारा मणिपुरी समूह नृत्य प्रस्तुत किया
जाएगा। पांचवे दिन आराधना ओडिसी डांस फाउंडेशन के पंचानन भुआन द्वारा छाऊ
ओडिसी समूह नृत्य, अमीरा पाटनकर और समूह द्वारा कथक नृत्य, राजश्री होल्ला
और रेखा सतीश द्वारा कुचिपुड़ी युगल और अनु सिन्हा और समूह द्वारा कथक समूह
नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा।
समारोह के
छठवें दिन 25 फरवरी को पुणे के प्रेरणा देशपांडे द्वारा कथक, दिल्ली के
पंडित राजेंद्र गंगानी द्वारा एकल कथक, बैंगलोर की नव्या नटराजन द्वारा
भरतनाट्यम नृत्य और विधि नागर और साथियों द्वारा कथक समूह नृत्य प्रस्तुत
किया जाएगा। महोत्सव का समापन पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह के निर्देशन
में नाट्य कथा 'मीरा' के साथ होगा। साथ ही राजश्री वरियार द्वारा भरतनाट्यम
नृत्य, यास्मीन सिंह और समूह द्वारा कथक समूह नृत्य, कृपा फड़के और
साथियों द्वारा मैसूर भरतनाट्यम समूह नृत्य और अनुराधा सिंह द्वारा कथक की
मनमोहक प्रस्तुति होगी।
इसके अलावा
पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण के रूप में स्काई डाइविंग फेस्टिवल का आयोजन
20 से 25 फरवरी तक किया जा रहा है। यहां साहसिक प्रेमी 10 हजार फीट की
ऊंचाई से खजुराहो के पुरातात्विक उत्कृष्टता के विरासत प्रतीकों को निहार
सकेंगे। साथ ही कैंपिंग, विलेज टूर, वॉक विद पारधी, ई-बाइक टूर, सेगवे टूर
और वॉटर स्पोर्ट्स भी पर्यटकों को नया अनुभव देने के लिए तैयार होंगे।





