अयोध्या पहुंचे CM योगी आदित्यनाथ, शुरू हुआ 10वां दीपोत्सव, भव्य दीपोत्सव में होंगे शामिल, इतने लाख दीयों से जगमगाएंगे 56 घाट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में 10वें दीपोत्सव में शामिल होने पहुंचे। इस बार मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन हैं, साथ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद हैं। सीएम योगी ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन और आरती की। सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीप जलाए जाएंगे। राम की पैड़ी पर 3-डी लेजर शो, 2100 ड्रोन्स का ड्रोन शो और महाआरती होगी। 13 राज्यों के 2000 कलाकार झांकियों में हिस्सा ले रहे हैं।

रामनगरी अयोध्या एक बार फिर दीपों की रोशनी से जगमगाने को तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपोत्सव के 10वें संस्करण में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंच गए हैं। इस बार का दीपोत्सव पहले से कहीं ज्यादा भव्य होने जा रहा है। पूरा शहर दुल्हन की तरह सजाया गया है। सरयू के घाट, राम की पैड़ी, राम मंदिर और हर गली-मोहल्ले में दीपोत्सव की झलक दिख रही है। इस बार दीपोत्सव के मुख्य अतिथि देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे। उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के मुताबिक उपराष्ट्रपति दोपहर 2:30 बजे अयोध्या पहुंचे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन और पूजन किए।
श्रीराम मंदिर परिसर को इस बार एक लाख दीपों से सजाया गया है। दोपहर 2:30 से 3 बजे के बीच उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने एक साथ रामलला की आरती उतारी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने उपराष्ट्रपति का स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिन यानी शनिवार और रविवार को अयोध्या में रहेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार सीएम योगी दोपहर करीब 2:40 बजे रामकथा पार्क के पास बने हेलीपैड पर पहुंचे। यहां से उन्होंने दीपोत्सव की भव्य झांकियों का अवलोकन किया और रथ खींचने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद हेलीकॉप्टर से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूपों के साथ अयोध्या के ऊपर पुष्पवर्षा की गई। यह नजारा हर बार श्रद्धालुओं के लिए सबसे खास होता है।
इसके बाद रामकथा पार्क में ही श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूपों का प्रतीकात्मक राजतिलक किया गया। मुख्यमंत्री ने रामकथा पार्क में संत-महात्माओं, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, "अंधकार से लड़ना नहीं होता, केवल एक ज्योति जलानी होती है।" सीएम ने देशभर के लोगों से अपील की कि वे अपने-अपने घरों में भी दीप जलाएं। इस बार दीपोत्सव में नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीप एक साथ जलाए जाएंगे।
2017 में जब दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी, तब सिर्फ 1.71 लाख दीप जलाए गए थे। अब 10वें साल में यह संख्या 30 लाख तक पहुंच गई है। राम की पैड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन के बाद 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो, म्यूजिकल आतिशबाजी और 2100 ड्रोन्स का भव्य ड्रोन शो होगा। पिछले साल 1100 ड्रोन इस्तेमाल हुए थे, इस बार संख्या दोगुनी कर दी गई है। राम की पैड़ी पर 250 फीट चौड़ा और 50 फीट ऊंचा भव्य मंच बनाया गया है। इस दीपोत्सव में 13 राज्यों के दल और करीब 2000 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। रामायण पर आधारित झांकियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। सरयू तट पर 2151 वेदाचार्यों और अर्चकों के मंत्रोच्चार के बीच महाआरती होगी। यह दीपोत्सव की दिव्यता को और बढ़ा देगी।
28 मिनट का विशेष मल्टीमीडिया शो भी होगा, जिसमें भगवान राम के अयोध्या लौटने की कथा को प्रोजेक्शन, लेजर और लाइव परफॉर्मेंस के जरिए दिखाया जाएगा। इतने बड़े आयोजन को देखते हुए सुरक्षा के तीन स्तरीय घेरे बनाए गए हैं। पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री के जवान तैनात हैं। डीएम और एसएसपी लगातार निगरानी कर रहे हैं। अयोध्या में इस बार दीपोत्सव सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि राम मंदिर बनने के बाद पहला सबसे बड़ा दीपोत्सव है। इसलिए पूरी दुनिया की नजर इस बार अयोध्या पर है।




