सरकारी वकीलों की फीस भुगतान के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित करेगी दिल्ली सरकार
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार अदालतों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले वकीलों की फीस के भुगतान के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित करेगी। सरकार ने यह जानकारी सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट को दी। कार्यकारी चीफ जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को करने का आदेश दिया।सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील संतोष त्रिपाठी ने कहा कि ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम दो हफ्ते में स्थापित कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी वकीलों की फीस की समीक्षा और पेशी की संख्या की सीमा तय करने का मामला दिल्ली सरकार के विधि मंत्री के पास लंबित है। उसके बाद हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वो सरकारी वकीलों की फीस की समीक्षा और पेशी की संख्या की सीमा तय करने के मामले पर जल्द फैसला करे।हाई कोर्ट ने नवंबर, 2023 में दिल्ली सरकार को ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम जल्द स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि वकीलों को अपनी फीस के लिए भटकना नहीं पड़े। दरअसल, हाई कोर्ट वकील पीयूष गुप्ता की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रहा है। यह याचिका जनवरी, 2021 में दायर की गई थी। याचिका में कहा गया है कि फीस का भुगतान नहीं होने से वकील आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।याचिका में कहा गया है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 3 सितंबर, 2015 को वकीलों की फीस का भुगतान करने का निर्देश दिया था लेकिन दिल्ली सरकार इस आदेश का उल्लंघन कर रही है। याचिका में दिल्ली सरकार पर इसके लिए भारी जुर्माना लगाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि सरकारी वकील न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन को उन वकीलों के जीवन यापन की कोई चिंता नहीं है औऱ वो उनकी फीस का भुगतान लंबे समय से नहीं कर रही है। वकीलों की आमदनी का मुख्य जरिया उनको मिलने वाली फीस ही होती है।याचिका में कहा गया है कि सरकारी वकील अपना रोजगार खत्म होने की आशंका से अपनी फीस के भुगतान के लिए सरकार के पास नहीं जा रहे हैं। सरकारी वकीलों ने याचिकाकर्ता से संपर्क किया, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ता ने खुद संबंधित विभाग से सरकारी वकीलों की फीस का भुगतान करने की मांग की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।





