Terror of predatory leopard in Jhansi,search went on.
झांसी,
31 दिसंबर लगातार पेड़ों के कटान के चलते कम हो रहे जंगलों के कारण
वन्य आदमखोर जीव भी ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की शरण ले रहे हैं। साथ
ही अपना दुश्मन समझते हुए मानव जाति पर हमलावर भी हो रहे हैं। ऐसा ही एक
उदाहरण आज जिले में देखने को मिला। पिछले दो दिन से जिले के कटेरा थाना
क्षेत्र में एक तेंदुए ने लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
शनिवार
को कांडोर गांव में खेत पर काम कर रहे किसान पर एक तेंदुए ने हमला कर
दिया। इसकी सूचना पर तेंदुए को पकड़ने गई टीम के ऊपर भी शिकारी तेंदुए ने
हमला कर दिया। अभी तक शिकारी तेंदुआ वन कर्मी सहित दो किसानों पर हमला कर
चुका है। तीनों घायलों को उपचार के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया
गया। आज दूसरे दिन भी तेंदुए की खोज जारी रही। फिलहाल समाचार लिखे जाने तक
तेंदुए को ढूंढा नहीं जा सका है।
घायलों में वनकर्मी
मुकुंदी, किसान सुरेंद्र यादव व चंद्रशेखर यादव तेंदुए के हमले से हुए
घायल हुए थे।रविवार को दूसरे दिन भी वन विभाग की टीम ने शिकारी तेंदुए को
पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरे की नजर से निगरानी रखी। तेंदुए की खोजबीन लगातार
दूसरे दिन भी जारी है। फिलहाल अभी तक शिकारी तेंदुए को पकड़ने में सफलता
हासिल नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने बताया कि शिकारी तेंदुए के आतंक की वजह
से पूरा गांव व क्षेत्र दहशत के साए में है। वही प्रशासन ने किसानों से
खेतों पर न जाने की हिदायत दी है।
बोले थानाध्यक्ष, सावधान रहें
इस
संबंध में कटेरा थाना प्रभारी महाराज सिंह ने बताया कि तेंदुआ कहां छुपा
है इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल उसे जहां देखा गया है वहां नहीं मिला।
इसलिए लोगों को खेतों पर जाने से सावधान किया गया है। खोजबीन जारी है।





