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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:57 · नई दिल्ली संस्करण

59,019 करोड़ के अनुपूरक बजट पर योगी सरकार का बड़ा दांव, ऊर्जा-उद्योग और स्वास्थ्य को प्राथमिकता

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
59,019 करोड़ के अनुपूरक बजट पर योगी सरकार का बड़ा दांव, ऊर्जा-उद्योग और स्वास्थ्य को प्राथमिकता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए ऊर्जा, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, कृषि और समाज कल्याण जैसे क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों की घोषणा की।

बजट पेश होने के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया, जबकि सत्ता पक्ष ने भी नारेबाजी का जवाब नारेबाजी से दिया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए 59,019.54 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में ऊर्जा क्षेत्र के लिए 4,722 करोड़ रुपये तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1,655 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि यह बजट राज्य में आधारभूत ढांचे के विस्तार, औद्योगिक निवेश, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने पर केंद्रित है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषि विभाग को राजस्व मद में 132.38 करोड़ रुपये तथा पूंजीगत मद में 159 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के लिए 244.80 करोड़ रुपये से अधिक, पशुपालन विभाग के लिए लगभग 70 करोड़ रुपये तथा दुग्ध विकास, मत्स्य और भूमि विकास एवं जल संसाधन विभागों के लिए भी अतिरिक्त बजटीय व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में एलोपैथी चिकित्सा को सबसे अधिक प्राथमिकता मिली है।

इस मद में 1,100 करोड़ रुपये राजस्व तथा 96 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। परिवार कल्याण के लिए 704.25 करोड़ रुपये, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए 60.65 करोड़ रुपये तथा आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए भी अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

औद्योगिक विकास एवं आधारभूत ढांचे के विस्तार पर सरकार ने विशेष जोर दिया है। भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए करीब 20,905.88 करोड़ रुपये का पूंजीगत प्रावधान किया गया है, जबकि राजस्व मद में 130.30 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा मुद्रण एवं लेखन सामग्री से जुड़े पूंजीगत कार्यों के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है।

बजट पेश होने के दौरान विधानसभा में विपक्ष का हंगामा जारी रहा। समाजवादी पार्टी के विधायक विभिन्न मुद्दों को लेकर वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सपा सदस्यों ने 'चंदा चोर कहां मिलेंगे, भाजपा के दफ्तर के नारे लगाए, जिसके जवाब में भाजपा विधायकों ने 'टोटी चोर कहां मिलेंगे, सपा के दफ्तर में' के नारे लगाए।

सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

सपा विधायक अतुल प्रधान ने अनुपूरक बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पहले यह बताए कि पूर्व में स्वीकृत बजट का कितना उपयोग हुआ। उन्होंने कहा कि केवल नया बजट पेश करने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा और सरकार को अपने पुराने दावों का भी जवाब देना चाहिए।

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