योगी सरकार ने सघन मत्स्य पालन के लिए शुरू किया एयरेशन सिस्टम
कानपुर। उप्र सरकार ने मत्स्य पालन को और प्रभावी बनाने के लिए सघन
मत्स्य पालन के लिए एयरेशन सिस्टम की स्थापना शुरू की है। इसका लाभ पाने
के लिए कुछ निर्धारित मानक एवं शर्तें निर्धारित किया है। यह जानकारी
रविवार को कानपुर नगर सहायक निदेशक मत्स्य सुनीता वर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि निदेशक मत्स्य उत्तर प्रदेश नुरूस्सबूर रहमानी ने
प्रदेश के सभी उपनिदेशक,सभी सहायक निदेशक मत्स्य को निर्देश जारी किया है
कि नवीन योजना सघन मत्स्य पालन के लिए एयरेशन सिस्टम की स्थापना के लिए
पात्र लाभार्थियों के चयन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की जाए।
सहायक
निदेशक मत्स्य ने बताया कि एक नवीन योजना सघन मत्स्य पालन हेतु एयरेशन
सिस्टम की स्थापना प्रारम्भ की गई है। इस योजना का लाभ पाने के लिए
निर्धारित मानक वाले आवेदकों को ही इसका लाभ दिया जाएगा।
जानें, कौन कर सकता है आवेदन
मत्स्य
विभाग में शुरू गई योजना का लाभ पाने के लिए मत्स्य बीज हैचरी संचालित
करने वाले हैचरी स्वामी, निजी क्षेत्र एवं पट्टे पर आवंटित तालाब की महिला
मत्स्य पालक जिनके तालाब की पट्टा अवधि कम से कम 05 वर्ष अवशेष हो एवं
विद्युत कनेक्शन एवं जनरेटर की उपलब्धता हो, वह पात्र होंगें।
इस
परियोजनार्न्तगत 0.50 हेंक्टेयर के तालाब में 02 हार्सपावर के एक काड
पैडिल व्हील एरियेटर एवं 1.00 हेक्टेयर या उससे बड़े तालाब के लिए अधिकतम दो
एरियेटर पर महिला मत्स्य पालक जिनके तालाब की वर्तमान उतपादकता कम से कम
4-5 टन प्रति हेक्टेयर हो की उत्पादन में वृद्धि हेतु अनुदान दिया जायेगा।
यह परियोजना पूर्णतः महिला मत्स्य पालकों के लिये संचालित की गयी है। इस
योजना के लिए विभागीय वेबसाइट http://fisheries.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन
कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 5 अगस्त से 19 अगस्त तक कर सकते है।
इस
योजना में तालाबों के ऐसे सभी पट्टा धारक आवेदन कर सकतें है जिनके पट्टे
की अवधि में न्यूनतम 05 वर्ष अवशेष हो। योजना के लिए आवेदक को इकाई लागत
0.75 लाख प्रति यूनिट पर सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं हेतु 50
प्रतिशत अनुदान तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं हेतु 60 प्रतिशत अनुदान दिया
जायेगा। योजनान्तर्गत अन्य विवरण, इकाई लागत आवेदन करने की प्रक्रिया,
आवेदन के साथ संलग्न किये जाने वाले अभिलेख व विस्तृत विवरण विभागीय
वेबसाइट http://fisheries.up.gov.in पर देखा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि उक्त योजना के सम्बन्ध में मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक
मत्स्य, मण्डलीय एवं मत्स्य निदेशालय के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस
में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है।





