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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:54 · नई दिल्ली संस्करण

जब मुलायम सरकार ने प्रेमचंद अग्रवाल समेत कई कारसेवकों को गिरफ्तार कर टिहरी की जेल मे डाल दिया

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी

अयोध्या में बनने वाले श्रीराम मंदिर निर्माण आंदोलन का हिस्सा रहे हैं।

1990 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कार

सेवकों की गिरफ्तारियां कराई थीं, जिनमें अग्रवाल समेत 19 कार सेवकों को

गिरफ्तार कर टिहरी जेल में डाल दिया गया।

उस

दौर के संस्मरण को साझा करते हुए अग्रवाल ने आज यहां बताया कि राम मंदिर

निर्माण के लिए वह कार सेवा का हिस्सा बने थे। अक्टूबर 1990 में कारसेवा का

ऐलान हुआ था और सभी को अयोध्या पहुंचने का निर्देश मिला था। उस समय उत्तर

प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी और मौजूदा उत्तराखंड भी उस समय

उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। मुलायम सिंह यादव की तत्कालीन राज्य सरकार ने

तय किया था कि किसी भी कारसेवक को अयोध्या पहुंचने से रोका जाए।

अग्रवाल

ने बताया कि राम मंदिर निर्माण एक जन आंदोलन था। उस समय वह 30 वर्ष के थे

और उनकी शादी को तीन साल ही हुए थे। अग्रवाल ने बताया कि जब अयोध्या में

राम शिला पूजन किया जा रहा था तो वह डोईवाला में गांव-गांव जाकर जन जागृति

लाने के लिए संघर्षरत थे। इस दौरान भानियावाला, रायपुर, नकरौंदा,

शमशेरगढ़, डोईवाला एवं विभिन्न स्थानों पर जाकर समाज को हिंदू धर्म के लिए

जागरूक करने के लिए कार्यक्रम किया करते थे।

उधर,

मुलायम सरकार द्वारा पूरे प्रदेश भर में एक योजना के तहत कारसेवकों को

गिरफ्तार करने की साजिश की जा रही थी। उस दौरान पुलिस ने अग्रवाल को पुलिस

स्टेशन बुलाकर पहले तो खूब अच्छे से खातिरदारी की लेकिन उसी दौरान उन्हें

तुरंत गिरफ्तार

करने का आर्डर आ गया।उसके बाद उन्होंने पुलिस से कहा कि डोईवाला में उनकी

दुकान की चाभी उनके पास है, जो उन्हें अपने घर वालों को देनी है। घरवालों

को चाभी देने के बाद उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

इसके 45 मिनट बाद डोईवाला के 400 से अधिक लोगों ने थाने को घेर कर उन्हें

छुड़ाया था।अग्रवाल ने कहा कि यह उस समय की एकमात्र घटना थी। हालांकि रात

को उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया और देहरादून पुलिस लाइन में रखा

गया। इस दौरान उनके बड़े भाई ताराचंद अग्रवाल, छोटे भाई ईश्वर चंद अग्रवाल

एवं चचेरे भाई रामनिवास को भी गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उनके पिता

स्वर्गीय मांगेराम अग्रवाल भूमिगत हो गए थे।

अग्रवाल

ने बताया कि अगले दिन उन समेत जिले के 52 कारसेवकों को डोईवाला से टिहरी

जेल में ले जाया जा रहा था तो उसी दौरान डोईवाला में हजारों की संख्या में

राम भक्तों द्वारा पुलिस की गाड़ी से सभी कारसेवकों को छुड़ा लिया गया।

उसके बाद सभी कार सेवकों द्वारा गिरफ्तारी दी गई। उसके बाद उन्हें और अन्य

कारसेवकों को टिहरी जेल में बंद किया गया। उन्हें 19 दिन तक टिहरी जेल में

बंद रखा गया। उसके बाद जब और रिहा होकर डोईवाला पहुंचे तो हजारों की संख्या

में लोगों द्वारा उनका स्वागत किया गया।

विधानसभा

अध्यक्ष ने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि उस दौरान डोईवाला में स्थित उनकी

दुकान सबसे अधिक प्रसिद्ध थी परंतु इस प्रकरण के बाद दुकान पर भी इसका

बुरा असर पड़ा। उस प्रकरण के दौरान उनकी मां ने दुकान का कामकाज संभाला और

उनकी मां ने खुद को गिरफ्तार करने की पेशकश की थी। अग्रवाल ने बताया कि

उन्हें जिला कारसेवक समिति का संयोजक भी बनाया गया।

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