स्पैम और फर्जीवाड़े पर व्हाट्सएप ने भारत में किया डिजिटल स्ट्राइक, 18 लाख से ज्यादा अकाउंट बैन

सेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने भारत में अपनी नीतियों के उल्लंघन और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए जुलाई 2026 में बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने इस अवधि के दौरान भारत से जुड़े 53.64 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया है। खास बात यह है कि इसमें 17.90 लाख खाते इसतरह के थे, जिन पर किसी उपयोगकर्ता की शिकायत मिलने से पहले ही कंपनी के आंतरिक सिस्टम ने स्वचालित रूप से कार्रवाई कर दी।
व्हाट्सएप के अनुसार, यह कार्रवाई प्लेटफॉर्म पर स्पैम, धोखाधड़ी और अन्य हानिकारक गतिविधियों को रोकने के लिए उसके उन्नत ‘अब्यूज डिटेक्शन सिस्टम’ के तहत की गई। कंपनी लगातार इसतरह के खातों की पहचान करती रहती है जिनका इस्तेमाल उसकी सेवा शर्तों के उल्लंघन या उपयोगकर्ताओं को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से हो रहा हो। लगभग एक-तिहाई खाते उपयोगकर्ताओं की रिपोर्ट आने से पहले ही हटा दिए गए थे, जो कंपनी की सक्रिय निगरानी प्रणाली को दिखाता है।
रिपोर्ट में, व्हाट्सएप ने बताया कि जुलाई माह में भारतीय उपयोगकर्ताओं की ओर से कुल 19,112 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसमें से 9,877 शिकायतें खातों पर प्रतिबंध लगाने की अपील से संबंधित थीं, जिन पर कंपनी ने 107 खातों पर सुधारात्मक कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त, अन्य सहायता श्रेणी में 8,704 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 369 खातों पर कार्रवाई की गई। कुल मिलाकर, उपयोगकर्ता शिकायतों के आधार पर 476 खातों पर उपचारात्मक कदम उठाए गए।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि एक्शन लिया गया तब माना जाता है जब शिकायत के आधार पर किसी खाते पर प्रतिबंध लगाया जाता है या बहाल किया जाता है।
व्हाट्सएप का अब्यूज डिटेक्शन सिस्टम कई स्तरों पर काम करता है, जिसमें खाते के पंजीकरण के समय, मैसेजिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण और उपयोगकर्ताओं से मिलने वाले रिपोर्ट व ब्लॉक फीडबैक को शामिल किया जाता है। यह प्रक्रिया स्वचालित प्रणालियों और मानवीय समीक्षा के संयोजन से संचालित होती है ताकि संदिग्ध खातों की सटीक पहचान की जा सके।
जुलाई में, व्हाट्सऐप को भारत की शिकायत अपीलीय समिति (ग्रिवांस अपीलेट कमेटी) से 25 आदेश भी प्राप्त हुए। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उसने सभी 25 आदेशों का पूरी तरह से पालन किया है, जो उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के निर्णयों के खिलाफ अपील करने का एक अतिरिक्त मंच प्रदान करता है।




