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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:11 · नई दिल्ली संस्करण

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पश्चिम मेदिनीपुर की ग्राम पंचायतों में ओड़िया दुभाषियों की तैनाती

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पश्चिम मेदिनीपुर की ग्राम पंचायतों में ओड़िया दुभाषियों की तैनाती

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के तहत पश्चिम मेदिनीपुर जिले की चार ग्राम पंचायतों में निर्वाचन आयोग को ओड़िया भाषा के दुभाषी और अनुवादक तैनात करने पड़े हैं। ये ग्राम पंचायतें दांतन और मोहनपुर विकास खंड के अंतर्गत आती हैं और ओड़िशा सीमा से सटी हुई हैं।निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में मतदाता ओड़िया भाषी हैं। ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान भाषा की समस्या सामने आई। कई मतदाताओं द्वारा भरे गए गणना प्रपत्र भी ओड़िया लिपि में हैं, जिससे सुनवाई और दस्तावेजों की जांच में अतिरिक्त समय लग रहा है।अधिकारी के अनुसार इन मतदाताओं की पीढ़ियां लंबे समय से इस इलाके में रह रही हैं और उनकी जड़ें ओड़िशा से जुड़ी हैं। अधिकांश परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। कई घरों में नई बहुएं भी ओड़िशा से आती हैं, जिन्हें केवल ओड़िया भाषा का ही ज्ञान होता है। ऐसी स्थिति में बंगाली भाषी निर्वाचन अधिकारी, सहायक अधिकारी और बूथ स्तर के कर्मियों के लिए संवाद करना कठिन हो जाता है।निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का कहना है कि पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर के अन्य इलाकों में भी ओड़िया भाषी मतदाता मौजूद हैं, लेकिन दांतन और मोहनपुर की इन चार ग्राम पंचायतों में उनकी संख्या अधिक है। मौखिक बातचीत के साथ-साथ ओड़िया लिपि में भरे गए प्रपत्रों का अनुवाद करना भी एक बड़ी चुनौती है, जिसके कारण इन मतदाताओं की सुनवाई में सामान्य से अधिक समय लग रहा है।गौरतलब है कि मतदाता सूची का प्रारूप 16 दिसंबर को प्रकाशित किया गया था। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी की जाएगी। इसके बाद ही निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा।

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