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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:04 · नई दिल्ली संस्करण

पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी ने सीईसी को लिखी चिट्ठी, एसआईआर की खामियां गिनवाईं

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी ने सीईसी को लिखी चिट्ठी, एसआईआर की खामियां गिनवाईं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कथित खामियों पर प्रकाश डाला है।

उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की तरफ से चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान आम नागरिकों को जिस तरह से लगातार परेशान किया जा रहा है, उससे मैं अत्यंत स्तब्ध और विचलित हूं। सुनवाई प्रक्रिया काफी हद तक मैकेनिकल हो गई है, जो पूरी तरह से तकनीकी आंकड़ों पर आधारित है और इसमें बुद्धि, संवेदनशीलता और मानवीय स्पर्श का पूर्णतः अभाव है।

टीएमसी सुप्रीमो ने ईसीआई से कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि एक ऐसा अभियान जो रचनात्मक और फलदायी होना चाहिए था, उसमें पहले ही 77 मौतें हो चुकी हैं, 4 लोगों ने आत्महत्या का प्रयास किया है, और 17 लोग बीमार पड़ गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

इसका कारण ईसीआई द्वारा बिना योजना के किए गए इस अभियान के कारण डर, धमकियां और अत्यधिक कार्यभार है।

उन्होंने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन, एक 90 वर्षीय और विश्व स्तर पर सम्मानित बुद्धिजीवी, को अपनी योग्यता साबित करने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।

इसी तरह, प्रख्यात कवि और पुरस्कार विजेता जॉय गोस्वामी, लोकप्रिय फिल्म अभिनेता और सांसद दीपक अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और भारत सेवाश्रम संघ के महाराज जैसी प्रतिष्ठित और व्यापक रूप से सम्मानित हस्तियों को भी इस अनियोजित, असंवेदनशील और अमानवीय प्रक्रिया का सामना करना पड़ा है। क्या यह चुनाव आयोग की ओर से घोर दुस्साहस नहीं है?

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से कहा कि यह भी पता चला है कि तथाकथित "तार्किक विसंगतियों," जो वास्तव में पूरी तरह से अतार्किक हैं, को राजनीतिक पूर्वाग्रह के साथ चुनिंदा रूप से कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में निशाना बनाया जा रहा है।

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से कहा कि हालांकि अब बहुत देर हो चुकी है, उम्मीद है कि समझदारी से काम लिया जाएगा और राज्य के आम नागरिकों की परेशानी, असुविधा और पीड़ा को कम करने के लिए आपकी ओर से उचित सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जब चुनाव आयोग के अपने अधिकारी इस्तीफा देते हैं, तो एसआईआर घोटाला बेनकाब हो जाता है! और यह अब कोई राजनीतिक आरोप नहीं है। यह अब चुनाव आयोग के भीतर से ही एक अभियोग है।

एक एईआरओ ने स्पष्ट रूप से इस्तीफा दे दिया है और कहा है कि वह वर्तमान एसआईआर में भाग नहीं ले सकते क्योंकि यह प्रक्रिया तार्किक रूप से त्रुटिपूर्ण, प्रशासनिक रूप से बेईमान और नैतिक रूप से अस्वीकार्य है।

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