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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:09 · नई दिल्ली संस्करण

लद्दाख में चरवाहों को रोके जाने पर भारत ने कहा- चीन के साथ मसलों के हल के लिए मौजूद है प्रणाली

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई

दिल्ली, 1 फ़रवरी । विदेश मंत्रालय ने लद्दाख में भारतीय चरवाहों

को चीनी सैनिकों द्वारा रोके जाने की रिपोर्टों के संबंध में कहा कि ऐसी

घटनाओं को सुलझाने के लिए एक निश्चित प्रणाली मौजूद है। इसके जरिए मुद्दा

सुलझाया जाता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने

गुरुवार को साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में कहा कि उन्होंने भारतीय चरवाहों

को रोके जाने संबंधी वीडियो देखा है। भारत और चीन दोनों इस बात से अवगत है

कि पशुओं को चराने के लिए चरवाहे किन क्षेत्रों में जा सकते हैं। यदि कोई

तकरार होती है तो इसे हल करने का जरिया मौजूद है।

ड्रोन खरीद डील

में कथित बाधा के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका में एक

निश्चित प्रक्रिया के जरिए काम होता है। हम प्रक्रिया को समझते हैं। इस

बीच नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट किया है कि डील को अमल में

लाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। यह मुद्दा इस समय अमेरिकी

कांग्रेस संसद के विचाराधीन है।

पन्नू प्रकरण पर भारत में जारी

जांच पर प्रवक्ता ने कहा कि रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट होगी। उल्लेखनीय

है कि मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत

सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश के मामले में भारत में जारी जांच की

प्रगति को लेकर अमेरिकी अधिकारी संतुष्ट नहीं है।

मालदीव में चीनी

जलयानों के आने के संबंध में प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपने आर्थिक और

सुरक्षा हितों के लिए जरूरी आवश्यक कदम उठाता रहा है।

पड़ोसी देश

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के तीन वर्ष पूरे होने पर प्रवक्ता ने कहा कि

भारत पड़ोसी देश में जारी घटनाक्रम को लेकर चिंतित है। इससे हमारे ऊपर

विपरीत असर पड़ता है। भारत चाहता है कि म्यांमार में एक समावेशी,

लोकतांत्रिक और संघीय व्यवस्था कायम हो।

हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय

न्यायालय में इजराइल के खिलाफ सुनाए गए फैसले पर विदेश मंत्रालय ने कोई

टिप्पणी नहीं की। प्रवक्ता ने केवल इतना कहा कि हमने फैसले पर गौर किया है।

फिलिस्तीन जनता को राहत पहुंचाने के लिए कायम संयुक्त राष्ट्र की

एजेंसी को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की ओर से आर्थिक सहायता रोके जाने

के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि भारत द्विपक्षीय और बहुपक्षीय एजेंसियों के

जरिए आर्थिक सहायता मुहैया कराता है। हम संयुक्त राष्ट्र राहत कार्य

एजेंसी से जु़ड़े कुछ लोगों के इजराइल में हुए आतंकवादी हमले में शामिल

होने के आरोपों से चिंतित हैं। प्रवक्ता ने इस सिलसिले में संयुक्त राष्ट्र

की ओर से जांच कराए जाने का स्वागत किया।

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