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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:25 · नई दिल्ली संस्करण

छोटे पावरलूम बुनकरों की बिजली दर बढ़ाने के शासनादेश के खिलाफ याचिका पर राज्य से जवाब तलब

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

प्रयागराज, । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पावरलूम चलाने वाले छोटे बुनकरों

की बिजली बिल सब्सिडी देने की सरकारी नीति के खिलाफ विद्युत दर बढ़ाने के

शासनादेश 6 अप्रैल 23 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार

से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।

यह आदेश न्यायमूर्ति एम

सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने गोरखपुर के बुनकर

अब्दुल वाला उर्फ अबुल वाला की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याची का

कहना है कि उसका पूरा परिवार कमीशन पर पावरलूम चलाता है। याची के परिवार

के पास नौ पावरलूम है। दो रुपये प्रति मीटर की दर से याची को प्रतिदिन 540

रुपये की आय होती है। याची गरीबी हालत में है।

सरकार की बुनकरों को

बिजली बिल में सब्सिडी की नीति है। जिसे इस शासनादेश से मनमाने तौर पर बढ़ा

दिया गया है। सरकार ने गरीब बुनकरों पर शर्तें थोपी है और वही बड़े

व्यवसायियों को पांच किलो वाट की छूट दी गई है।

कोर्ट ने मुद्दा

विचारणीय माना। याचिका में 6 अप्रैल 23 के शासनादेश को रद्द करने व याची को

बिजली आपूर्ति न रोकने की मांग की गई है। कोर्ट ने याचिका की सुनवाई की

अगली तिथि 22 जुलाई नियत की है।

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