मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:07 · नई दिल्ली संस्करण

मध्य प्रदेश : भोपाल से बुरहानपुर तक 'परीक्षा पे चर्चा' का असर, छात्रों में दिखा आत्मविश्वास

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
हम दिल्ली में प्रदूषण और जाम की समस्या के समाधान के लिए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठा रहे हैं: सीएम रेखा

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें संस्करण में शुक्रवार को मध्य प्रदेश के छात्रों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बोर्ड और अन्य परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव को कम करना और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देना है।

जबलपुर स्थित मॉडल स्कूल के कक्षा 11वीं (मैथ्स-साइंस) के छात्र आयुष तिवारी ने परीक्षा पे चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने आयुष से मित्रवत अंदाज में बातचीत की, उन्हें उपहार दिए और अपने हाथों से गमछा पहनाकर सम्मानित किया।

संवाद के दौरान आयुष ने सवाल किया कि कई बार छात्र अपनी पढ़ाई की गति को शिक्षकों के साथ तालमेल में नहीं ला पाते, जिससे सिलेबस अधूरा रह जाता है।

इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को नियमित अभ्यास, बेहतर समय प्रबंधन और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि सीखने का अवसर मानना चाहिए।

भोपाल में भी 'परीक्षा पे चर्चा' को लेकर छात्रों में खास उत्साह देखने को मिला। एक छात्र ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बहुत सरल भाषा में समझाया कि परीक्षा से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि शांत मन और आत्मविश्वास के साथ उसका सामना करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि तनावमुक्त रहने की सीख बेहद प्रेरणादायक और उपयोगी लगी।

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि जबलपुर का छात्र आयुष तिवारी लंबी चयन प्रक्रिया के बाद चुना गया और प्रधानमंत्री से संवाद का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि 'परीक्षा पे चर्चा' से न सिर्फ बच्चों को, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों को भी सीख लेनी चाहिए।

भोपाल में स्कूलों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। डॉ. संजय गोयल ने कहा कि बच्चों को अनावश्यक रूप से मार्क्स के दबाव में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि ज्यादा तनाव से प्रदर्शन कमजोर होता है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद बढ़ाने, बच्चों के सवालों का जवाब देने और उन्हें विकसित भारत के लिए प्रेरित करने की बात कही।

बुरहानपुर जिले के शासकीय सावित्रीबाई फुले कन्या स्कूल में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण छात्राओं को दिखाया गया। छात्राओं ने पूरे ध्यान और उत्साह के साथ प्रधानमंत्री के विचार सुने। उन्होंने परीक्षा के तनाव को दूर करने, सकारात्मक सोच रखने और आत्मविश्वास बनाए रखने के सुझाव दिए, जिससे छात्राएं काफी प्रेरित हुईं।

कार्यक्रम के बाद छात्राओं ने कहा कि 'परीक्षा पर चर्चा से उन्हें मानसिक दबाव कम करने और बेहतर तैयारी में मदद मिलती है।

' उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रम आगे भी होते रहने चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार ने भी इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया। छात्रा सपना जगदीश नांदे और खुशी देवी सिंह कुशवाहा ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।

शहडोल जिले के विद्यालयों में 'परीक्षा पे चर्चा' लाइव प्रसारण किया गया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री के विचारों को गंभीरता से सुना।

छात्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बिना तनाव के परीक्षा देने, लक्ष्य तय करने, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

एक छात्र ने कहा कि प्रधानमंत्री की सीख से उन्हें पढ़ाई की आदतों में सुधार करने और परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली। दूसरे छात्र ने बताया कि प्रधानमंत्री ने समझाया कि सिर्फ नंबर ही सब कुछ नहीं होते, असली महत्व सीखने का होता है। वहीं एक अन्य छात्र ने कहा कि कमजोर अंक लाने वाले साथियों का सहयोग करना और टॉपर्स से सीखना भी जरूरी है। प्रधानमंत्री ने खेल और स्वास्थ्य के महत्व का भी जिक्र किया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें